आईबीपीएस की अदूरदर्शिता के शिकार हुए छात्रों ने दिल्ली में राहुल गांधी के आवास के बाहर प्रदर्शन किया।
साल 2012 में इंस्टीट्यूट ऑफ बैंकिंग पर्सनल सिलेक्शन की परीक्षा पास करने के बावजूद नौकरी के लिए भटक रहे छात्रों ने यूपीए उपाध्यक्ष राहुल गांधी से निजी तौर पर संज्ञान लेने की मांग की है।
पिछले कई दिनों से आवास के बाहर बैठे छात्रों ने आईबीएस की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए सभी सफल छात्रों को तुरंत नौकरी दिए जाने की मांग की।
छात्र नीरज ने बताया कि साल 2012 में आईबीपीएस की परीक्षा पीओ-टू में 47 हजार अभ्यर्थियों को सफल घोषित किया गया, लेकिन जब नौकरी देने की बारी आई तो आईबीपीएस ने सिर्फ बाइस हजार के लगभग जगह होने की ही बात कही।
इसके चलते छात्र दो सालों से नौकरी के लिए घूम रहे हैं। छात्रों ने मांग करते हुए कहा कि दो सालों से नौकरी का इंतजार कर रहे छात्रों की समस्याओं पर सरकार गौर करे।
एसएससी-सीजीएल 2012 के छात्र भी धरने पर
राहुल गांधी के आवास के बाहर एसएससी की कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल परीक्षा-2012 के छात्र भी धरने पर बैठे। छात्रों ने कहा कि 8 फरवरी 2013 को उन्हें पूरी तरह सफल घोषित कर दिया गया और विभिन्न विभागों में पद भी दे दिए गए। लेकिन तैनाती का इंतजार कर रहे छात्रों का एसएससी ने अचानक दोबारा परीक्षा परिणाम निकाल दिया और 836 लोगों को विदहैल्ड की लिस्ट में डाल दिया। एसएससी को कारण बताओ नोटिस भी दिया गया। छात्रों के खिलाफ कोई भी सबूत नहीं निकला। बावजूद इसके छात्र अभी तक नौकरी के लिए मोहताज हैं। छात्रों ने राहुल गांधी से इस मामले में जल्द से जल्द कदम उठाने की मांग की।