- 15 जून को इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक कूच करेंगे पूर्व अर्धसैनिक
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। संसद की ओर से पारित सीएपीएफ बिल 2026 के विरोध में पूर्व अर्धसैनिक बलों के जवानों, अधिकारियों और उनके परिजनों ने बृहस्पतिवार को राजघाट पहुंचकर प्रदर्शन किया। इस दौरान सभी ने मौन धारण कर अपनी नाराजगी जताई। प्रदर्शन में पूर्व अर्धसैनिक बलों के परिजनों के रुप में महिलाओं की अधिक भागीदारी रही। राजघाट पर इकट्ठा होकर सैकड़ों महिलाओं ने केंद्र सरकार और सीएपीएफ बिल के विरोध में नारेबाजी की।
एलायंस ऑफ ऑल एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह ने कहा कि सरकार की ओर से अब तक बातचीत की कोई पहल नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि गृह मंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से मिलने के कई प्रयास किए गए, लेकिन प्रतिनिधिमंडल को समय नहीं मिला। संगठन के अध्यक्ष एच.आर. सिंह ने आरोप लगाया कि नए बिल से पदोन्नति की संभावनाएं प्रभावित होंगी। उनके अनुसार, सिपाही से हवलदार बनने में करीब 20 वर्ष और सब-इंस्पेक्टर बनने में 15 वर्ष तक का समय लग जाता है।
प्रदर्शनकारियों ने पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग भी उठाई और कहा कि दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले के बावजूद इस पर अमल नहीं हुआ। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो 15 जून को देशभर से पूर्व अर्धसैनिक और उनके परिवार इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक कूच करेंगे।