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Delhi NCR News: दिल्ली में पुराने फोन से नकली मोबाइल बनाने वाला गिरोह पकड़ा, दो आरोपी गिरफ्तार

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-यूपी व हरियाणा आदि जगहों से पुराने मोबाइल खरीद नकली ब्रांडेड में पैक कर बेचते थे
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आईएमईआई नंबर में हेरफेर कर बेचे जाते थे नकली फोन, रैकेट का खुलासा

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने नकली मोबाइल फोन की गैर-कानूनी असेंबलिंग और बिक्री में शामिल एक रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए दो आरोपियों रूप किशोर खंडेलवाल (45) और पप्पू गुप्ता (34) को गिरफ्तार किया है। उन्हें करोल बाग और आनंद पर्वत स्थित किराये के ठिकानों पर छापेमारी के बाद पकड़ा गया। पुलिस ने एक प्रमुख मोबाइल कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि की मौजूदगी में कार्रवाई की, ताकि जब्त सामान की तकनीकी पुष्टि हो सके। गिरोह गैर-कानूनी रीसाइक्लिंग में लगा था। इसमें कंपनी द्वारा बैन और फेंके गए मोबाइल फोन को कई राज्यों के कबाड़ डीलरों से खरीदा जाता था और उन्हें फिर से इस्तेमाल लायक बनाया जाता था।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त संजीव कुमार यादव ने बताया कि छापे में 1,658 तैयार फोन के अलावा बड़ी मात्रा में आईएमईआई चिप, पुराने हैंडसेट, मदरबोर्ड, चार्जर, बैटरी और डिस्प्ले स्क्रीन समेत अन्य उपकरण बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी करीब दो साल से यह अवैध कारोबार चला रहे थे। ये उत्तर प्रदेश, हरियाणा और पश्चिम बंगाल के कबाड़ कारोबारियों से पुराने मोबाइल और पुर्जे खरीदते थे, जिन्हें स्थानीय स्तर पर तैयार कर नकली ब्रांडेड फोन के रूप में पैक किया जाता था। पुलिस के अनुसार, इन फोनों के आईएमईआई नंबर में हेरफेर किया जाता था और इन्हें दिल्ली के बाजारों विशेषकर गफ्फार मार्केट के अलावा मध्य प्रदेश और राजस्थान में सप्लाई किया जाता था। मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
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ऐसे बनाते थे नए फोन :
आरोपी पुराने मोबाइल लेते थे। फिर उन्हें अपनी असेंबली यूनिट्स में ले जाकर उनको नया बना देते थे। इसके बाद, उन्होंने उनमें नकली आईएमईआई्र नंबर डाल दिए। यह काम एक मजबूत रैकेट से होता था। जिसमें सामान हासिल करना, असेंबल करना और बांटना शामिल था।
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सिर्फ पांचवीं तक पढ़ा है : आरोपी किशोर खंडेलवाल (45) मूलरूप से राजस्थान का रहने वाला है। इतना ही नहीं वह केवल पांचवीं पास है। वह पिछले दो सालों से अवैध मोबाइल असेंबलिंग के धंधे में शामिल हैं। ये उत्तर प्रदेश और हरियाणा के डीलरों से खराब मोबाइल कंपोनेंट्स खरीदता था, स्थानीय स्तर पर स्पेयर पार्ट्स का इंतजाम करते थे, और नकली फोन असेंबल करके उन्हें दूसरे राज्यों के बाजारों में सप्लाई करते थे, जिनमें मध्य प्रदेश और राजस्थान शामिल हैं। पप्पू गुप्ता (34) लगभग 1.5 साल से इस काम में लगे हुए हैं। ये कूरियर के ज़रिए पश्चिम बंगाल से खराब मदरबोर्ड मंगवाते थे, स्थानीय स्तर पर पार्ट्स खरीदते थे, और नकली मोबाइल फोन असेंबल करते थे, जिनकी सप्लाई मुख्य रूप से दिल्ली के स्थानीय बाजारों में की जाती थी।
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