सरकार की उड़ान योजना के तहत क्षेत्रीय एयरपोर्ट विकसित करने के लिये इंडियन एयरलाइन की उड़ानों पर साढ़े सात से साढ़े आठ हजार रुपये की लेवी लगाने के प्रस्ताव को चुनौती दी गई है। हाईकोर्ट में इस बाबत याचिका दायर की गई है। हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर सरकार से जवाब मांगा है।
मुख्य न्यायमूर्ति जी. रोहिणी व न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल की खंडपीठ ने नागरिक उड्यन मंत्रालय, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण व नागरिक उड्यन महानिदेशक को नोटिस जारी कर 21 दिसंबर तक जवाब मांगा है।
कोर्ट ने यह नोटिस फेडरेशन ऑफ इंडियन एयरलाइन (एफआईए) की याचिका पर जारी किया है। याचिका में कहा गया है कि प्रस्तावित लेवी का बोझ यात्रियों पर डाला दिया जायेगा। यह बोझ ऐसा होगा जिसके बदले में यात्रियों को कोई सुविधा नहीं मिलेगी।
याचिका में सरकार के 21 अक्तूबर व नौ नवंबर की अधिसूचनओं को रद करने की मांग की गई है याचिकाकर्ता के अधिवक्ता ने अपनी बहस में कहा गया कि यह लेवी लगाने से 388 करोड़ से 532 करोड़ का भारी वित्तीय बोझ हर साल एयरलाइनों पड़ेगा।