जिले में ग्रुप हाउसिंग में रहने वाले लोगों का अब बिल्डर शोषण नहीं कर पाएंगे। विद्युत नियामक आयोग द्वारा ऊर्जा मंत्रालय के प्रस्ताव को हरी झंडी मिल गई है। जुलाई के दूसरे सप्ताह में प्रस्ताव पास हो जाएगा और 15 जुलाई से सोसायटियों में रहने वाले लोगों को अलग-अलग कनेक्शन देने शुरू कर दिए जाएंगे। इससे बिल्डर अनाप-शनाप बिल नहीं वसूल पाएंगे। यह बातें शनिवार को प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने सेक्टर-18 नोएडा में हेल्प डेस्क के उद्घाटन के दौरान पत्रकारों से कही।
उन्होंने कहा कि काफी लंबे समय से नोएडा की ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में रहने वाले लोग अलग-अलग कनेक्शन देने की मांग कर रहे थे। लोगों का आरोप था कि उनसे 10 से 15 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से बिल्डर पैसे वसूल रहे हैं। इस मुद्दे पर गहनता से विचार करके विद्युत नियामक आयोग के समक्ष प्रस्ताव रखा गया। आयोग ने इस प्रस्ताव को हरी झंडी दी है और उम्मीद है कि 11 जुलाई को होने वाली बैठक में इसे पास कर दिया जाएगा।
इसके बाद सभी जिलों में इस नियम को लागू कराने के लिए भेज दिया जाएगा। 15 जुलाई से नई व्यवस्था के तहत कनेक्शन देने शुरू कर दिए जाएंगे। हालांकि, इसके लिए सोसायटी के 25 फीसदी आवंटियों को एकजुटता दिखानी होगी। यदि 25 फीसदी लोग कनेक्शन के लिए तैयार नहीं होते हैं तो फिर कनेक्शन नहीं दिया जाएगा।
वहीं, ऊर्जा मंत्री ने डूब क्षेत्र और अवैध कालोनियों में ठेकेदारों का गठजोड़ तोड़ने और वहां पर प्रीपेड मीटर कनेक्शन देने के निर्देश दिए हैं, ताकि बिजली चोरी पर लगाम लग सके और जो लोग बिजली का गलत प्रयोग कर रहे हैं उनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाए। उन्होंने नोएडा के पॉश सेक्टरों और गांवों में बिजली चोरी पर लगाम लगाने के लिए भी निर्देश दिए। साथ ही, कहा कि अभियान में ईमानदार उपभोक्ताओं को कतई परेशान न किया जाए।
अरावली अपार्टमेंट के लोगों ने की मंत्री से शिकायत
proposal of Ministry
हेल्प डेस्क से उपभोक्ताओं को मिलेगी राहत
सेक्टर-18 स्थित हेल्प डेस्क का उद्घाटन ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा और यूपीपीसीएल के प्रबंध निदेशक आशुतोष निरंजन ने फीता काटकर किया। उन्होंने कहा कि इससे नोएडा के 2 लाख 30 हजार उपभोक्ताओं को लाभ मिलेगा। किसी को नए कनेक्शन, भार बढ़वाने, नाम में बदलाव, बिल जमा कराना या निकलवाना, पीओएस मशीन से बिल जमा करना, मीटर से संबंधित शिकायत समेत अन्य जो भी समस्या है उसे यहां से दूर कराया जाएगा।
विशेष बात यह है कि हेल्प डेस्क से काम की शुरुआत का मतलब है कि उस पर कार्रवाई होना, चूंकि इस व्यवस्था में समस्या का निराकरण न होने पर स्वत: ही आला अधिकारियों को फारवर्ड हो जाने का प्रावधान है। इस रिपोर्ट को हर रोज शाम में प्रबंध निदेशक स्वयं जांच करते हैं। इस मौके पर मुख्य अभियंता सुरेंद्र कुमार वर्मा, अधीक्षण अभियंता विवेक अग्रवाल और एके सिंह, अधिशासी अभियंता एके ओझा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
अरावली अपार्टमेंट के लोगों ने की मंत्री से शिकायत
सेक्टर-34 स्थित अरावली अपार्टमेंट का एक प्रतिनिधि मंडल में शनिवार को ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा और प्रबंध निदेशक आशुतोष निरंजन से मिला। इसमें आरडब्ल्यूए अध्यक्ष धर्मेंद्र शर्मा, प्रदीप सिंह, आरपी प्रजापति, रामकुमार, गुरिंदर समेत कई लोग शामिल रहे। उन्होंने कहा कि उनके सेक्टर में अक्सर बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। कई बार आला अधिकारियों से मिले मगर हर बार धनराशि न होने की बात कहकर उनको टरका दिया जाता है। ऊर्जा मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल्द से जल्द अरावली अपार्टमेंट की समस्या का समाधान किया जाए।