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Delhi NCR News: स्टे ऑर्डर के बावजूद बेच दी संपति... कोर्ट ने मालिक सहित खरीदार को भेजा नोटिस

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- कोर्ट के आदेश का उल्लंघन करना पड़ा भारी, अवमानना की कार्यवाही शुरू
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- रोहिणी कोर्ट हुई सख्त... पति, सब-रजिस्ट्रार और खरीदार को अवमानना नोटिस


संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। रोहिणी कोर्ट ने पारिवारिक विवाद से जुड़े एक मामले में अपने स्टे ऑर्डर के कथित उल्लंघन पर सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने संपत्ति बेचने वाले पति, सब-रजिस्ट्रार और संपत्ति के खरीदार के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही शुरू करते हुए सभी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इस मामले की सुनवाई रोहिणी की महिला कोर्ट-1 में हुई। पीड़िता की ओर से अधिवक्ता ने अदालत को बताया कि 20 मार्च 2025 को कोर्ट ने स्पष्ट अंतरिम आदेश दिया था कि याचिकाकर्ता को उसके साझा वैवाहिक घर से बेदखल नहीं किया जाएगा। साथ ही अशोक विहार फेज-1 स्थित बी-116 की चौथी मंजिल को न तो बेचा जाएगा और न ही किसी तीसरे व्यक्ति के नाम हस्तांतरित किया जाएगा।


याचिका के अनुसार, कोर्ट के आदेश की जानकारी होने के बावजूद पति ने उसी मंजिल का बिक्री दस्तावेज यानी सेल डीड तैयार कर संपत्ति बेच दी। आरोप है कि स्टे ऑर्डर से बचने के लिए बिक्री दस्तावेज में चौथी मंजिल को तीसरी मंजिल दिखाया गया। पति ने अपने तलाक के मामले में पत्नी का पता इसी मकान की चौथी मंजिल बताया है। इन दावों के समर्थन में अदालत के सामने बिक्री से संबंधित कागजात, सेल डीड और तलाक याचिका की प्रतियां भी पेश की गईं।
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वहीं, रिकॉर्ड पर मौजूद दस्तावेज और आरोपों को देखते हुए अदालत ने प्रथम दृष्टया मामले को गंभीर माना। कोर्ट ने फिलहाल पूरी संपत्ति की बिक्री, हस्तांतरण या किसी तीसरे पक्ष का हित सृजित करने पर रोक लगा दी है। अदालत ने घरेलू हिंसा अधिनियम की धारा 31 और अवमानना से जुड़े प्रावधानों के तहत पति, सब-रजिस्ट्रार और खरीदार सहित संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। वहीं, इस मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई 2026 को होगी।
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