हाईकोर्ट ने बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में यस बैंक को फोर्टिस हेल्थकेयर के पूर्व प्रवर्तकों शिविंदर सिंह और मालविंदर सिंह की उस संपत्ति को नीलाम करने की अनुमति दे दी, जिसके आधार पर कर्ज लिया गया था। नीलामी कोर्ट द्वारा नियुक्त आयुक्त की निगरानी में होगी। न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने फरवरी 2018 में दिए आदेश में संशोधन करके यस बैंक को कर्ज वसूली के लिए सिंह बंधुओं की संपत्ति नीलाम करने की अनुमति दी।
कोर्ट ने ऋण लेने के बाद सिंह बंधुओं के रवैये के मद्देनजर यह आदेश दिया। हालांकि जापान की कंपनी दायची सांक्यो ने इसका विरोध करते हुए दलील दी कि अदालत ने संपत्ति को बेचने पर यथा स्थिति बनाए रखने का आदेश दिया था।
यस बैंक ने सिंह बंधुओं के नियंत्रण वाली कंपनियों को 2015 में दो ऋण दिए थे। पहले कर्ज की रकम 500 करोड़ और दूसरे की 565 करोड़ थी। जुलाई 2019 में कर्ज वापसी न होेने पर बैंक ने इसे गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) घोषित किया था।