गुड़गांव में पैसों को लेकर प्रापर्टी डीलर ने कोर्ट के सामने समझौते कर लिया। इसके बाद उसने ऐसी धोखाधड़ी की जिसमें पीड़ित के साथ-साथ दूसरे भी फंस गए। बड़े शातिर तरीके से प्रापर्टी डीलर ने फ्लैट पर दूसरी पार्टी को कब्जा दिला दिया। ऐसे में अब दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ आरोप लगा रहे है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार पैसों के लेनदेन को लेकर फरीदाबाद निवासी कुलबीर सिंह और प्रापर्टी डीलर देवेंद्र पाल सिंह के बीच विवाद हो गया था। करीब सात महीने पहले कोर्ट में हुए समझौते के दौरान प्रापर्टी डीलर ने रोजवुड सिटी में एक फ्लैट उसके नाम करने के समझौते पर सहमति दी। इसके बाद कुलबीर सिंह ने फ्लैट पर ताला लगाकर फरीदाबाद चला गया था।
इसके बाद प्रापर्टी डीलर ने चार महीने बाद फर्जी तरीके से राजीव अरोड़ा को यह फ्लैट बेच दिया। इसमें राजीव अरोड़ा ने फ्लैट का ताला तोड़कर उस पर कब्जा कर लिया। इस मामले की जानकारी जब कुलबीर को चली तो उसने राजीव अरोड़ा ने फ्लैट खाली करने के लिए कहा, तो उसने साफ मना कर दिया। इस मामले में पुलिस के पास शिकायत पहुंची।
सदर थाना पुलिस ने राजीव अरोड़ा उसकी पत्नी और उसके भाई अमित अरोड़ा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। इसी बीच दोनों पक्षों ने फ्लैट की रजिस्ट्री अपने पास होने का दावा कर रहे हैं, जिससे पुलिस की मुश्किल बढ़ गई है।
पुलिस असली रजिस्ट्री की जांच में जुट गई है। जांच अधिकारी पीएसआई नरेश ने बताया कि इस मामले में प्रापर्टी डीलर की भी जांच की जा रही है, दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ भी मामला दर्ज किया जाएगा।