अगले दिन युवती के एक साथी ने शिकायतकर्ता को फोन कर सेक्टर-37 में बुलाया और कहा कि नहीं आए तो दुष्कर्म के मामले में बंद करवा देंगे। घबराकर वे वहां पहुंचे तो आरोपियों ने उन्हें पास के एक पार्क में बुला लिया।
वहां आरोपियों ने उनसे पांच लाख रुपये की मांग की, नहीं तो झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। शिकायतकर्ता ने डर कर उन्हें उस समय 50 हजार रुपये दे दिए और बाकी रकम का इंतजाम करने के लिए चार-पांच दिन का समय मांगा।
पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस आयुक्त अमिताभ सिंह ढिल्लो से की थी। क्राइम ब्रांच एनआईटी प्रभारी अनिल छिल्लर और उनकी टीम में शामिल एएसआई सुरेश मलिक ने आरोपियों को पकड़ने के लिए जाल बिछा दिया।
पुलिस के कहने पर पीड़ित सतीश कुमार ने आरोपियों को फोन कर सराय में उसी पार्क में बुलाया, जहां पहले पैसे दिए थे। पुलिस टीम पहले ही सादे कपड़ों में तैनात थी। जैसे ही तीन युवक वहां रुपये लेने पहुंचे पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। उन्होंने बताया कि आरोपी युवती भी पास मौजूद है।
पुलिस ने उसे भी धर दबोचा। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम प्रहलादपुर, दिल्ली निवासी चंद्रवीर, मोनू, गांव खेड़ीकलां निवासी मुकेश व मीठापुर, दिल्ली निवासी नेहा उर्फ पूजा गुप्ता बताए। पुलिस ने बृहस्पतिवार को चारों को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया।
रोब झाड़ने के लिए बनवा रखा था एंटी करप्शन संस्था का कार्ड
पकड़े गए आरोपियों में एक मुकेश स्पा सेंटर चलाता है। साथ ही उसने लोगों पर रौब झाड़ने के लिए ऑल इंडिया सोशल क्राइम एंड एंटी करप्शन संस्था का कार्ड भी बनवा रखा था। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि इन्होंने सूरजकुंड व दिल्ली में दो और लोगों को भी इसी तरह ह नी ट्रैप में फंसा कर उनसे रुपये ऐंठे थे। पुलिस इनके साथियों की तलाश में जुटी है। उनसे कई और खुलासे होने की उम्मीद है।