वीपी सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की मांगी अनुमति
यमुना प्राधिकरण के चेयरमैन डॉ प्रभात कुमार ने तत्कालीन ओएसडी वीपी सिंह के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए शासन से अनुमति मांगी है। वीपी सिंह के रिश्तेदारों और उनसे जुड़े लोगों ने भी जमीन खरीद में लाभ कमाया। इस मामले में संजीव कुमार व निर्दोष चौधरी के खिलाफ एफआईआर हो चुकी है। दोनों वीपी सिंह के रिश्तेदार हैं। एफआईआर में सत्येंद्र चौहान व जोगेश का भी नाम है। वहीं, सत्येंद्र नाम के एक और व्यक्ति का नाम और सामने आया है। यह जमीन खरीद में शामिल रहा है। पुलिस अब अपनी जांच में नये नामों को जोड़ने जा रही है।
हाथरस जमीन घोटाले की दस्तावेज तलब
हाथरस में जमीन घोटाले की बात सामने आने पर जांच शुरू हो गई है। जांच अधिकारी ने तहसीलदार को भेजकर हाथरस से जमीन से जुड़े कागजात मंगवाने के लिए भेजा है। वहीं, सूत्रों की मानें तो हाथरस जिले में जमीन खरीद की जांच में भी इसी ग्रुप के लोग शामिल हैं। इन्हीं लोगों ने पहले किसानों से सस्ती दर पर जमीन खरीदी, फिर कुछ दिन बाद प्राधिकरण को बेच दी। जांच रिपोर्ट आने के बाद इसमें भी एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी है।
जहांगीरपुर में जमीन घोटाले की जांच पूरी
जहांगीरपुर में बिजलीघर के नाम पर जमीन खरीदने में हुई गड़बड़ी की भी जांच पूरी हो गई है। इस मामले में भी बहुत जल्द एफआईआर दर्ज हो सकती है। सूत्रों ने बताया कि जहांगीरपुर में भी बिना जरूरत के 80 करोड़ रुपये की जमीन इसी तरह से खरीदी गई है।