नई दिल्ली में प्रॉपर्टी डीलर मंजीत सिंह उर्फ बंटी घड़ियाल की हत्या के बाद उनके घर कालकाजी के डीडीए फ्लैट के मकान नंबर 6/191 में मातम पसरा है। दरवाजे पर किसी परिचित के पहुंचते ही परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा है। घर में मंजीत के दोनों बेटे निशांत सिंह (15) और फतेह सिंह (13) भी बैठे थे।
फतेह सिंह ने बताया कि उसने पिता से आखिरी बार रात करीब 10 बजे बात की थी। गणपति विसर्जन के दौरान पटाखे जलाने के लिए वह पिता से पैसे मांग रहा था। फतेह ने कहा, पापा ने कहा था कि मैं आकर बात करता हूं, लेकिन पापा नहीं आए। इतना कहते ही फतेह रोने लगा। निशांत ने बताया कि उसने रात करीब आठ बजे पापा से किसी काम के लिए 140 रुपये पेटीएम करवाए थे।
देर रात पिता के साथ मारपीट की सूचना मिलने के बाद वह चाचा के साथ मौके पर पहुंचा। निशांत के मुताबिक, उनके पहुंचने से पहले ही पिता की मौत हो चुकी थी। इसके बावजूद कुछ लोग उन्हें पीट रहे थे।
निशांत ने बताया कि चाचा दिलबाग सिंह ने एक व्यक्ति को पकड़कर हटाने की कोशिश की तो आरोपियों ने उन्हें धक्का देकर गिरा दिया और चेहरे व लात-घूंसों से मारने लगे। बुआ चाचा को बचाने के लिए उनके ऊपर लेट गईं तो आरोपियों ने उनके बाल खींचकर उन्हें भी पीटा। निशांत ने बताया कि वह बुआ के पीछे खड़ा था। बीच-बचाव करने की कोशिश की तो आरोपियों ने उसके बाल पकड़कर पीछे खींच लिया।
निशांत के मुताबिक, घटना के बाद से फतेह ने कुछ नहीं खाया है और वह दो बार बेहोश भी हो चुका है। निशांत कक्षा आठवीं और फतेह कक्षा सातवीं में सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं।
मंजीत के परिवार में मां प्रीतम कौर के अलावा चार भाई और दो बहनें हैं। पत्नी से तलाक को लेकर मामला अदालत में चल रहा है। छोटे भाई जरनैल सिंह की पहले ही मौत हो चुकी है, जबकि बड़ी बहन नीतू दिव्यांग हैं। वहीं, दिलबाग सिंह झगड़े में गंभीर रूप से घायल हुए हैं।
बड़े भईया को 20 लोग मिलकर मार रहे थे
मंजीत को बचाने पहुंचे छोटे भाई दिलबाग सिंह भी बुरी तरह घायल हुए हैं। उनका पैर फ्रैक्चर हो गया है और सिर व नाक पर भी चोटें आई हैं। दिलबाग की पत्नी श्वेता ने बताया कि बड़े भाई साहब को 20 लोग मिलकर मार रहे थे। उन्होंने बताया कि इनमें आरोपी राजिंदर सिंह, उनकी पत्नी तरुणा, बेटे अभय और शौर्य तथा बेटी सिमरन समेत अन्य लोग शामिल थे।
मेरे भाई के हत्यारों को फांसी मिलनी चाहिए
एम्स ट्रॉमा सेंटर के बाहर बंटी की बहन हरनाम कौर अपने भाई की मौत से बेहद दुखी थीं। मारपीट की बात बताते हुए वह रोने लगीं। उन्होंने कहा, मेरे भाई के हत्यारों को फांसी मिलनी चाहिए।
प्रॉपर्टी विवाद में प्रॉपर्टी डीलर की पीटकर हत्या, तीन गिरफ्तार
नई दिल्ली के कालकाजी के एल-8 इलाके में शनिवार देर रात नगर निगम की ओर से आए नोटिस को लेकर हुई खूनी झड़प में प्रॉपर्टी डीलर की मौत हो गई। आरोप है कि इमारत में रहने वाले लोगों ने प्रॉपर्टी डीलर मंजीत सिंह उर्फ बंटी (48) पर लात-घूंसों और डंडों से हमला किया।
वह बेहोश होकर मौके पर ही गिर पड़े। गंभीर हालत में उन्हें एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। बीच-बचाव करने पहुंचे उनके छोटे भाई दिलबाग सिंह के साथ भी मारपीट की गई। इलाज के बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। कालकाजी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस उपायुक्त विनित कुमार ने बताया कि 6/191, डीडीए फ्लैट, कालकाजी इलाके में रहने वाले मंजीत सिंह उर्फ बंटी के परिवार में पत्नी और दो बच्चों के अलावा मां, भाई, बहन शामिल हैं। इस इमारत में सीआर पार्क वार्ड से निगम पार्षद आशू ठाकुर रहती हैं। पुलिस उपायुक्त ने बताया कि 19 सितंबर की रात करीब 12:03 बजे एल-8, कालकाजी में झगड़े की पीसीआर कॉल मिली थी।
सूचना मिलते ही कालकाजी थानाध्यक्ष अजय कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंची। जांच में पता चला कि इमारत की भूतल व तीसरी मंजिल पर रहने वाले लोगों के बीच विवाद हुआ था। पहले दोनों पक्षों के बीच इमारत के बाहर कहासुनी हुई और बाद में मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
इसके बाद मंजीत सिंह पर कई लोगों ने हमला कर उसकी जमकर पिटाई की। आरोपियों ने बेसुध हालत में मंजीत को इमारत के बाहर ही फेंक दिया। मंजीत के भाई दिलबाग सिंह ने बताया कि उन्हें एक जानकार ने फोन कर बताया कि मंजीत का झगड़ा हो गया है और कुछ लोगों उसे पीट रहे हैं।
इसके बाद वह और उसकी बहन मंजीत को बचाने के लिए पहुंचे। दिलबाग ने बताया कि जब वह मौके पर पहुंचे तो मंजीत बेसुध हालत में सड़क पर पड़े थे। वहां एक महिला थी, जब उस महिला को रोकने की कोशिश की तो आरोपियों ने उस पर भी हमला कर दिया।
दिलबाग सिंह ने बताया कि आरोपियों ने उसे सड़क पर गिरा दिया और फिर जमकर पीटा। उसकी बहन ने बीच बचाव कर उसे बचाया और दोनों भाईयों को अस्पताल पहुंचाया। जहां मंजीत को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
इसलिए हुआ था विवाद
इस इमारत में मृतक मंजीत का प्रॉपर्टी डीलर का ऑफिस है। वह कोई निर्माण करवा रहे थे। इमारत में हुए अतिक्रमण को लेकर दिल्ली नगर निगम की ओर से नोटिस आया हुआ था। आरोपियों को लगता था कि मंजीत ने इसकी शिकायत की है। इसी बात पर विवाद खूनी झड़प तक पहुंच गया।