जेवर में प्रस्तावित नोएडा एयरपोर्ट की जमीन से जुड़ी किसानों की याचिकाएं खारिज होने से जेवर व आसपास प्रॉपर्टी डीलर फिर से सक्रिय हो गए हैं। प्रस्तावित एयरपोर्ट के आसपास कई डीलरों की दुकानें बंद हो गई थीं, जो फिर से खुल गई हैं।
सोमवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया के खिलाफ किसानों की तरफ से दायर सभी आठ याचिकाओं को खारिज कर दिया है। किशोरपुर व आसपास के किसानों ने हाईकोर्ट में एयरपोर्ट की उपयोगिता और सामाजिक प्रभाव की रिपोर्ट में कमी पर आठ याचिकाएं दायर कर दीं, जिससे प्रशासन दो गांव का अवार्ड घोषित करने के बाद भी मुआवजा वितरण नहीं कर पाया।
एयरपोर्ट के अटकने से निवेशकों ने भी हाथ खींच लिए। ऐसे में जेवर व आसपास जमीन और प्लॉट खरीद फरोख्त का धंधा चौपट हो गया था। कई डीलरों ने अपनी दुकानें बंद कर दी थीं, लेकिन मंगलवार को सुबह फिर से साफ-सफाई करके दफ्तर खोल दिए।
जेवर के दयानतपुर, रन्हेरा, रोही, पारोही, बनवारीवास, किशोरपुर आदि गांव की करीब 1334 हेक्टेयर जमीन पर नोएडा एयरपोर्ट प्रस्तावित है। हालांकि, प्राधिकरण और प्रशासन ने चेतावनी दी है कि किसी भी प्रॉपर्टी डीलर से प्रस्तावित एयरपोर्ट एरिया में जमीन न खरीदें। यह अवैध है। इस पर कार्रवाई की जाएगी।
किसानों ने मिठाई बांट मनाई खुशी
एयरपोर्ट की जमीन अधिग्रहण से जुड़ी सभी आठ याचिकाएं हाईकोर्ट से खारिज होने होने पर मंगलवार को बनवारीपुर गांव में राजकुमार के घर पर पहुंचे किसान योगेंद्र छौंकर, मन्नू लाल शर्मा, त्रिलोकचंद्र शर्मा, देवेंद्र भारद्वाज, राजू, कल्लू, हरप्रसाद, भूदेव शर्मा, महेश कुमार, कृष्ण कुमार ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी।