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गुरुग्राम का प्रॉपर्टी बाजार लुढ़का, दामों में 20-30 फीसदी की गिरावट  

Tue, 13 Dec 2016 01:41 PM IST
शाहनवाज आलम/अमर उजाला, गुरुग्राम
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नोटबंदी के बाद साइबर सिटी समेत एनसीआर का रियल एस्टेट सेक्टर चार वर्ष पीछे पहुंच गया है। मंदी की मार झेल रहे रियल एस्टेट बाजार में प्रॉपर्टी के दामों में 30 फीसदी तक गिरावट हो गई है। जिससे मौजूदा समय की प्रॉपर्टी की कीमत वर्ष 2012 के बराबर पहुंच गई है।
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एसोचैम (एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स ऑफ इंडिया), क्रेडाई (कंफेडरेशन ऑफ रियल एस्टेट डेवलपर्स ऑफ इंडिया) और नरेडको (नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल) के पदाधिकारियों की मानें तो आने वाले वक्त में अगर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो रियल एस्टेट सेक्टर और बुरे दौर में पहुंच जाएगा। नोटबंदी के बाद भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में कटौती नहीं होने के कारण प्रॉपर्टी के दामों में और गिरावट आने की संभावना है। 

बीपीओ और आईटी सेक्टर के साथ साइबर सिटी रियल एस्टेट के लिए जाना जाता है। यहां पर अमिताभ बच्चन, महिमा चौधरी जैसे सुपरस्टार से लेकर क्रिकेटर विराट कोहली, युवराज सिंह समेत राजनेता, बिजनेसमैन, आईएएस व आईपीएस के फ्लैट व बंगला यहां मौजूद है।
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दिल्ली के नजदीक और तमाम सुविधा होने के कारण लोगों की पहली पसंद होती थी। जिससे कारण यहां रियल एस्टेट सेक्टर तेजी से बढ़ा था, लेकिन नोटबंदी के बाद लुढ़क गया है खरीददार की तलाश में बिल्डरों ने दामों में कटौती शुरू कर दी है तो कुछ अब ऑफर के जरिये लुभाने की कोशिश में जुटे हैं। 

रियल एस्टेट के जानकार आनंद भट्ट कहते हैं साइबर सिटी में प्रॉपर्टी के पीछे कालाधन एक बड़ा हिस्सा रहा है। प्रॉपर्टी के कारोबार के जरिये यहां सबसे अधिक काले धन की खपत होती थी। अब न तो वास्तविक खरीददार के पास नकदी है और न ही निवेश करने वालों के पास।

गुरुग्राम में अधिकांश लोग वास्तविक खरीददार की जगह निवेशक थे। बिजनेस के फायदे को निवेश के तौर पर इस्तेमाल करते थे। नोटबंदी और कानूनी शिकंजे की वजह से यह दिक्कत आनी शुरू हुआ है।

नरेडको के अध्यक्ष प्रवीण जैन का कहना है कि आज प्रॉपर्टी 2012 की दर से बिक रही है। प्राइमरी मार्केट जिसमें ऑनलाइन लेन-देन के जरिये खरीद-फरोख्त होता था, वह भी नीचे आ गया है। नोटबंदी के बाद कई सौदे रद्द हो चुके हैं। निवेशकों ने हाथ खींच लिए है। जिसकी वजह से प्रॉपर्टी का कारोबार पीछे लौट गया है। 
 
री-सेल मार्केट 90 फीसदी नीचे
-साइबर सिटी में नए प्रोजेक्ट के अलावा री-सेल मार्केट में गिरावट आई है। व्यावसायिक क्षेत्रों में 50-60 फीसदी तो गैर व्यावसायिक क्षेत्रों में 90 फीसदी तक गिरावट आ गई है। रियल एस्टेट कारोबारियों की मानें तो री-सेल का पूरा काम नकदी में होता था। कुछ हिस्सा ही बैंक से या कैश के जरिये करते थे। अब बाजार में नकदी के अभाव के कारण रियल एस्टेट का सेकंडरी मार्केट पूरी तरह ठप है। 

रेपो रेट ने भी दिया झटका
केंद्र सरकार द्वारा 500 व 1000 रुपये की नोट पर पाबंदी के बाद भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो रेट में कटौती की उम्मीद की जा रही थी। ताकि ईएमआई कम होने से कुछ ग्राहक आए, लेकिन रेपो रेट की स्थिति जस की तस रहने की वजह से प्रॉपर्टी के कारोबार पर असर पड़ा है। विशेषज्ञों की मानें तो अगर आने वाले वक्त में कमी नहीं आई तो प्रॉपर्टी के दामों में और गिरावट आने की संभावना है।
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