जीडीए परिसर में जल्द ही ‘नीलामी का महाकुंभ’ शुरू होने जा रहा है। तीन दिन के अंदर ही करीब 100 संपत्तियों को नीलाम किए जाने की योजना है। इससे जीडीए को करोड़ों की आय होगी। इसके लिए संपत्तियों को चिंहित कर सूची जीडीए उपाध्यक्ष संतोष यादव के पास अनुमोदन को भेजी गई है।
माना जा रहा है कि 24 से 26 फरवरी के बीच नीलामी होगी। जीडीए अपनी जिन संपत्तियों को नीलामी के माध्यम से बेचने जा रहा है, उनमें दुकान, एचआईजी फ्लैट, आवासीय और व्यवासियक भूखंड, आफिस हॉल, आर्ट गैलरी और हैल्थ सेंटर के लिए भूखंड शामिल हैं।
जीडीए की यह संपत्ति इंदिरापुरम के न्यायखंड, शक्तिखंड, ज्ञानखंड, वैशाली, गोविंदपुरम, शास्त्रीनगर, आरडीसी, नवयुग मार्केट, राजेंद्र नगर आदि इलाकों में है। जीडीए के सबसे महंगे भूखंड आरडीसी में हैं। जीडीए ने आरडीसी में 8 से साढे़ 8 मीटर के 22 क्योसेक भूखंड नीलामी को चिंहित किए हैं।
इनके लिए 1.90 लाख प्रति वर्गमीटर की न्यूनतम आरक्षित दर होगी। बकौल जीडीए संयुक्त सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा नीलाम वाली 100 संपत्तियों में ज्यादा आवासीय व व्यवसायिक भूखंड हैं। कर्पूरीपुरम योजना में आर्ट गैलरी व प्रताप विहार ई ब्लाक योजना में हेल्थ सेंटर के लिए भूखंड नीलाम होंगे।
जीडीए के सामने फुट ओवर ब्रिज का निर्माण शुरू
बीओटी पैटर्न पर जीडीए के सामने बनने वाले एफओबी (फुट ओवरब्रिज) का काम शुरू हो गया। डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले फुट ओवर ब्रिज का निर्माण तीन महीने में पूरा होगा। इससे प्रतिदिन हजारों पैदल यात्रियों को राहत मिलेगी। निगम को बीओटी के तहत महानगर में 15 फुट ओवर ब्रिज का निर्माण करना है। इनमें से वैशाली और साहिबाबाद में निर्माण पूरा हो चुका है। उधर, नए बस अड्डे पर भी काम शुरू हो गया।