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JNUSU Election 2025: जेएनयू कैंपस से खुद हटाने होंगे प्रचार के पोस्टर और पर्चे, विवि ने चुनाव पर लगाई रोक

Tue, 22 Apr 2025 04:54 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

नामांकन वापसी का समय बढ़ाने को लेकर 17-18 अप्रैल को छात्र संगठनों के बीच टकराव हो गया था। इसके बाद चुनाव समिति सदस्यों के साथ हिंसा और समिति कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना सामने आई थी। इसके बाद से चुनाव पर रोक लगाई गई है।  
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जेएनयू, JNU - फोटो : JNU: @www.jnu.ac.in/main/
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विस्तार
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जेएनयू छात्रसंघ चुनाव प्रचार के लिए कैंपस में लगाए पोस्टर/पर्चे छात्र संगठनों को खुद हटाने होंगे। छात्र प्रचार के लिए हैंडमेड पोस्टर, पंफ्लेट और उनकी फोटोकॉपी निर्धारित स्थान पर ही लगा सकेंगे।

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जेएनयू के डीन छात्र कार्यालय ने चुनाव पर रोक से पहले प्रचार के संबंध में दिशा-निर्देश जारी किए थे। आजकल जेएनयू में अलग-अलग छात्र संगठनों के उम्मीदवारों का प्रचार-प्रसार जोर-शोर से चल रहा है। हॉस्टल, मेस, ढाबा, स्कूलों में जाकर छात्रों के बीच उम्मीदवारों प्रचार कर रहे हैं। संगठनों रात में मशाल जुलूस भी निकाल रहे हैं।

दिशानिर्देश अनुसार पोस्टर लगाने के लिए शैक्षणिक भवनों, छात्रावासों, केंद्रीय पुस्तकालय, स्वास्थ्य केंद्र, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, केंद्रीय पुस्तकालय के पीछे कैंटीन, गंगा ढाबा और साबरमती छात्रावास के पास फूड कोर्ट में बिल बोर्ड पर पोस्टर लगाए जा सकेंगे।
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सूत्र के अनुसार जेएनयू चुनाव समिति के पदाधिकारियों ने जेएनयू प्रशासन के साथ बैठक की है। इसमें प्रशासन ने चुनाव प्रक्रिया को आगे बढ़ाने और समिति के निर्णय के साथ रहने की सहमति दी है।
दरअसल, नामांकन वापसी का समय बढ़ाने को लेकर 17-18 अप्रैल को छात्र संगठनों के बीच टकराव हो गया था। इसके बाद चुनाव समिति सदस्यों के साथ हिंसा और समिति कार्यालय में तोड़फोड़ की घटना सामने आई थी। इसके बाद से चुनाव पर रोक लगाई गई है।  

एबीवीपी ने चुनाव समिति को कानूनी नोटिस भेजा
जेएनयू छात्रसंघ चुनाव को लेकर एबीवीपी ने चुनाव समिति का कानूनी नोटिस भेजा है। यह नोटिस संयुक्त सचिव पद के एबीवीपी समर्थित उम्मीदवार वैभव मीणा ने दिया है। नोटिस में 18 अप्रैल 2025 को जारी उस अधिसूचना को अवैध, अनावश्यक और चुनावों की निष्पक्षता के विरुद्ध करार दिया गया है जिसमें नामांकन वापसी की प्रक्रिया को अप्रत्याशित रूप से दोबारा खोला गया। एबीवीपी का कहना है कि अधिसूचना चुनावी नियमों का घोर उल्लंघन है।

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