अगर आप रोज मेट्रो में यात्रा करती हों और रोज छेड़खानी का शिकार हों तो आपको कैसा लगेगा। ये बात सुनने में भले ही अजीब लगे लेकिन निरवैर कौर के साथ पिछले कई महीनों से रोज ही ऐसा हो रहा है जिससे तंग आकर जब उन्होंने इसकी शिकायत डीएमआरसी से की तो उन्हें जो जवाब मिला उसने उनके गुस्से को इतना बढ़ा दिया कि आखिर उन्होंने कोर्ट की शरण में जाने का फैसला किया है। (स्टोरी साभार: टाइम्स ऑफ इंडिया)
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Kaur Nirvair
निरवैर पुरुष के शरीर में स्त्री का जीवन जी रहीं हैं जो उनके लिए एक बड़ी परेशानी का सबब बन चुका है। असल में निरवैर कौर ट्रांसजेंडर यानि किन्नर हैं और इसी का खामियाजा उन्हें भुगतना पड़ रहा है।
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निरवैर जब भी मेट्रो में सफर करती हैं तो उन्हें सहयात्रियों की फब्तियां झेलनी पड़ती हैं। मेट्रो में निरवैर को लोग तरह-तरह के ताने मारते हैं। निरवैर के मुताबिक कई बार तो यात्री इस हद तक चले जाते हैं कि उन्हें चिढ़ाते हुए ये तक पूछ लेते हैं कि 'तेरा चार्ज' क्या है।
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इन सवालों ने निरवैर को इस दुविधा में डाल दिया है कि आखिर वह सफर के लिए मेट्रो के पुरुष या महिला कोच में से किसे चुनें। कई महीनों तक इस तरह की सार्वजनिक यातना से गुजरने के बाद निरवैर ने आखिर अपनी परेशानी डीएमआरसी को बताने का फैसला किया।
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उन्होंने डीएमआरसी को एक खत लिख अपने खराब अनुभवों के बारे में बताया। निरवैर कौर ने डीएमआरसी को 21 फरवरी और 27 अप्रेल को दो बार चिट्ठी लिख अपनी परेशानी बताई।
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डीएमआरसी ने उनकी चिट्ठी के बाद अपनी संवेदना व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि मेट्रो में ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए अलग से कोई सुविधा देने के बारे में सरकार की ओर से कोई निर्देश नहीं नहीं है।
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Kaur Nirvair
डीएमआरसी के इस जवाब से उन्हें काफी निराशा हुई। हालांकि डीएमआरसी ने कौर के साथ सहानुभूती जताते हुए कहा कि वह अपनी इच्छा से किसी भी कोच में सफर कर सकती हैं।
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इसके साथ यह भी कहा कि अगर वो चाहें तो सीनियर सिटीजन या दिव्यांगों के लिए आरक्षित सीट पर बैठ कर सफर कर सकती हैं। साथ ही मेट्रो स्टेशन पर दिव्यांगों के लिए के लिए बने शौचालय का भी इस्तेमाल कर सकती हैं। निरवैर को उनका फोटो पहचान पत्र साथ रखने की हिदायत दी गई है।
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लेकिन कौर इस सलाह से नाखुश हैं। उनका कहना है कि क्या अब उनको दिब्यांग और सीनियर सिटीजन की श्रेणी में शामिल होना पड़ेगा? निरवैर का मानना है डीएमआरसी के जवाब से ये जाहिर होता है कि इतनी बड़ी संस्था को इस गंभीर सामाजिक समस्या के बारे में बेहद कम जानकारी है।
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डीएमआरसी के निराशाजनक जवाब ने उन्हें इतना द्रवित किया कि उन्होंने धमकी दी है कि वह अदालत जाएंगी ताकी ट्रांसजेंडर के लिए सार्वजनिक परिवहन के साधनों में उचित प्रबंध किया जाए।
हालांकि इस बारे में डीएमआरसी के प्रवक्ता का कहना है कि वो दिल्ली मेट्रो में सुखद वातावरण बनाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वो सरकार के सभी आदेशों का पालन कर रहे हैं। उन्होने कहा कि अगर दिल्ली मेट्रो में किसी को कोई भी परेशानी होती है तो वह डीएमआरसी स्टाफ से हेल्पलाइन नंबर 155730 या सीआईएसएफ हेल्पलाईन नंबर 011-22185555 पर संपर्क कर सकता है।