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निजी स्कूल संचालकों की मुसीबत बढ़नी तय

Fri, 11 Apr 2014 05:56 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदाबाद
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फरीदाबाद में जिन निजी स्कूल प्रबंधकों ने फीस रेगुलेशन कमेटी की सहमति के बिना और शिक्षा विभाग में बिना फार्म-6 जमा कराए शैक्षिक सत्र 2014-15 में टयूशन फीस सहित अन्य मदों में वृद्धि की है। ऐसे स्कूलों के खिलाफ हरियाणा अभिभावक एकता मंच लीगल कार्रवाई करेगा।
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मंच के इस कार्य में जिले के अभिभावकों ने भी सहयोग प्रदान करना शुरू कर दिया है। अभिभावकों ने अपने बच्चे का पिछले पांच वर्ष का फीस का ब्यौरा मंच के पास जमा कराना शुरू कर दिया है।

लीगल कार्यवाई की रूपरेखा तय करने के लिए 13 अप्रैल को मंच की प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक फरीदाबाद में बुलाई है। जिसकी अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष एडवोकेट ओपी शर्मा करेंगे।
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मंच के प्रदेश महासचिव कैलाश शर्मा व संरक्षक सुभाष लांबा ने प्रेस को जारी बयान में कहा है कि पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने पिछले वर्ष 9 अप्रैल को निजी स्कूलों के बार-बार फीस बढ़ाने पर इसकी वैद्यता की जांच करने के लिए रिटायर्ड जस्टिस किरण आनंद लाल की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया था।

कमेटी को स्कूलों द्वारा फीस बढ़ाने के कारणों की स्टडी करने का निर्देष दिया गया था। इसमें स्कूलों के एकाउंट्स रिकार्ड की पड़ताल, इंफ्रास्ट्रक्चर, सुविधाओं, शिक्षकों को दिए  जा रहे वेतन व भविष्य में सुविधाओं के विस्तार को भी ध्यान में रखने का निर्देश्ा दिया गया था।

यह भी कहा गया था कि यदि यह पाया जाए कि स्कूलों ने जरूरत से ज्यादा फीस बढ़ाई है। तो फीस रिफंड कराई जाए। लेकिन एक साल बाद भी सरकार द्वारा मूलभूत सुविधाएं व सहयोग न देने पर 5 अप्रैल को चीफ जस्टिस संजय किशन कौल व जस्टिस अरुण पल्ली की खंडपीठ ने प्रधान सचिव को अवमानना मामले में कोई राहत नहीं दिया।

हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव को अदालत की अवमानना का नोटिस जारी कर पूछा है कि हाईकोर्ट के निर्देर्शों की अनदेखी पर क्यों न उनके खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्रवाई की जाए। इस मामले पर 16 मई के लिए अगली सुनवाई तय की है।

निजी स्कूल लाबी के दबाव में प्रदेश सरकार
मंच के प्रदेश अध्यक्ष ओपी शर्मा का कहना है कि राज्य सरकार पूरी तरीके से निजी स्कूलों की सशक्त लाबी के दबाव में है और उन्हें पूरा संरक्षण प्रदान कर रही है।

यही कारण है कि सरकार ने हाईकोर्ट द्वारा गठित कमेटी को एक साल बाद भी अभी तक कोई भी सहयोग प्रदान नहीं किया है। मंच ने अभिभावकों से पुन: कहा है कि वे फीस वृद्धि का पुरजोर विरोध करें और अपनी शिकायत व फीस का ब्यौरा शीघ्र ही जमा कराएं।
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