कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने दिल्ली में नाबालिग बच्ची के कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इस घटना को लेकर देश में महिला सुरक्षा की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रियंका गांधी ने 'एक्स' पर एक पोस्ट के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
उन्होंने लिखा कि दिल्ली में एक 17 साल की बच्ची के साथ क्रूरता की सारी हदें पार कर दी गईं। इसके बाद उसे बर्बरता से मार डाला गया। प्रियंका गांधी ने यह भी बताया कि कुछ ही दिनों पहले एक और नाबालिग लड़की का बलात्कार किया गया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि देश में महिला सुरक्षा के लिए कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं है। महिलाओं के विकास की सिर्फ खोखली बातें की जाती हैं। सैकड़ों महिलाओं पर अत्याचार और हिंसा होती है। अपराधी पर ठोस कार्रवाई की उम्मीद नहीं की जा सकती। कई मामलों में तो प्राथमिकी भी दर्ज नहीं होती है।
महिला सुरक्षा पर उठाए सवाल
प्रियंका गांधी ने कहा कि समाज और सरकार दोनों ही महिलाओं को सुरक्षा देने में विफल रहे हैं। उन्हें स्वतंत्रता और समानता का अधिकार भी नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने इस स्थिति को पूरी तरह से अस्वीकार्य बताया। यह दर्शाता है कि महिला सुरक्षा एक गंभीर चुनौती बनी हुई है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अपराधियों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती है। इससे अपराधियों के हौसले बुलंद होते हैं। कई बार तो पीड़ितों की प्राथमिकी भी दर्ज नहीं की जाती। यह न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।