सोमवार सुबह दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उस वक्त अफरा तफरी की स्थिती पैदा हो गई जब चेकिंग के दौरान एक शख्स अचानक चिल्ला पड़ा कि उसके पास बम है।
तलाशी में लगे सीआईएसएफ के जवान भी सतर्क हो गए क्योंकि उस शख्स के बैग की तलाशी के दौरान मेटल डिटेक्टर ने खतरे का संकेत दे दिया था।
असल में यह शख्स जेट एयरवेज के विमान संख्या 9W-821 से यात्रा करने वाला था और इसी विमान में एसपीजी सुरक्षा प्राप्त प्रियंका गांधी भी दिल्ली से चेन्नई जाने वाली थीं।
एसपीजी सुरक्षाकर्मियों सहित प्रियंका गांधी भी उस वक्त एयरपोर्ट पर ही मौजूद थीं। पहली बार जब मेटल डिटेक्टर ने खतरे का संकेत दिया तो इस शख्स ने बताया कि उसके बैग में कुछ सिक्के हैं जिसकी वजह से ऐसा हो रहा है।
दो बार मेटल डिटेक्टर ने दिया खतरे का संकेत
सुरक्षा कर्मियों ने उसे सिक्के निकालने के लिए बोला। अगली बार चेक करने पर मेटल डिटेक्टर ने फिर से खतरे का संकेत दिया। इस बार उसने बताया कि उसके बैग में एक पेन है।
पेन निकालने के बाद एक फिर से उसकी तलाशी शुरु हुई तो यात्री ने चिल्लाते हुए बोला कि उसके पास बम है। इतना सुनते ही एयरपोर्ट पर लगे सुरक्षाकर्मी सतर्क हो गए और तुरंत ही अलार्म बजा दिया गया।
दिल्ली पुलिस, आईबी और प्रियंका गांधी की सुरक्षा में लगे एसपीजी के सुरक्षाकर्मी भी तुरंत वहां पहुंच गए और साथी यात्रियों सहित इस संदिग्ध व्यक्ति को पुलिस अपने साथ थाने ले गई।
छह घंटे तक चली पूछताछ
लगभग छह घंटे की तलाशी के बाद सामने आया कि सुरक्षा कर्मियों ने जिस शख्स को पुलिस ने पूछताछ के लिए पकड़ा था वह लेदर के निर्यात का काम करने वाला एक बड़ा व्यापारी है और उसके साथ चीन से आए कुछ लोग थे।
इस बीच विमान की भी तलाशी ली गई और सुरक्षा कारणों से एसपीजी ने निर्णय लिया कि प्रियंका गांधी को उस विमान से न जाने देना ही उचित है। अंततः प्रियंका गांधी को उस विमान की जगह दूसरा विमान पकड़ कर चेन्नई जाना पड़ा।
बता दें कि पिछले हफ्ते आईजीआई एयरपोर्ट से काठामांडू जाने वाले दो विमानों को बम की सूचना के बाद रद्द किया गया था। पठानकोट एयरबेस पर हुए आतंकी हमले के बाद पूरे देश में हाईअलर्ट जारी है।