जर्मनी के शरणार्थी कैंप में फंसी गुरप्रीत को मवई रोड निवासी मकान मालिक अजय ने खोज निकाला। जर्मनी जाने से पहले वह अजय के यहां ही किराए पर रह रही थी।
शरणार्थी कैंप से गुरप्रीत ने किसी के फोन से मदद की वीडियो बनाकर अजय को वाट्सएप की थी। उसकी मदद की गुहार को अजय ने ही सोशल मीडिया तक पहुंचाया।
मामला संज्ञान में आने के बाद अब भारत सरकार गुरप्रीत को वापस लाने की तैयारियां कर रही है। गुरप्रीत का विवाह 2005 में दिल्ली में रहने वाले मनोज से हुआ था।
परिजनों के मुताबिक 2010 में मनोज पत्नी और करीब दो साल की बच्ची को छोड़कर लापता हो गया था। पति के गायब होने के बाद गुरप्रीत अजय के यहां किराए पर रहने लगी और नौकरी कर परिवार चला रही थी।