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दो छात्रों की ऑनलाइन क्लास बंद करने पर निजी स्कूल तलब, हाईकोर्ट ने कहा बच्चे का करियर सर्वोपरि

Sun, 02 Aug 2020 05:58 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
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delhi high court
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दिल्ली हाईकोर्ट ने फीस न भरने की स्थिति में दो छात्रों की ऑनलाइन क्लासेस बंद करने पर दिल्ली के एक निजी स्कूल के प्रिंसिपल और चेयरमैन को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 7 अगस्त को प्रिंसिंपल और चेयरमैन दोनों को अदालत में तलब होने का निर्देश दिया है।

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न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह की एकल पीठ ने इस याचिका पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सुनवाई की। इस याचिका पर संज्ञान लेते हुए पीठ ने कहा कि आदेश का अनुपालन ना करने की स्थिति में स्कूल के खिलाफ अवमानना कार्यवाही क्यों शुरू नहीं की गई। 

पीठ ने स्कूल के प्रिंसिपल और चेयरमैन को नोटिस जारी करके पूछा कि दोनों बच्चों को ऑनलाइन क्लासेस में शामिल करने से क्यों रोका गया, जब अदालत ने पिछली सुनवाई में उन्हें क्लासेस में शामिल करने का आदेश दिया था।
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याचिकाकर्ता बच्चों के पिता ने पीठ से कहा कि वह अपने बच्चों की फीस ऑनलाइन भी नहीं भर सके, क्योंकि अप्रैल से जून तक फीस ना भरने की स्थिति में स्कूल प्रशासन ने स्कूल के पोर्टल पर उनके प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया। उनका आरोप है कि कोर्ट के आदेश के बावजूद उन्हें फीस ऑनलाइन भरने की अनुमति नहीं दी गई।

याची ने कहा कि स्कूल ने छात्रों की परीक्षाएं भी करवाई हैं, लेकिन उनके बच्चों को इन परिक्षाओं से वंचित रखा गया। इस पर पीठ ने स्कूल से कहा कि कि वह तत्काल अदालत के आदेश का अनुपालन करे।

इससे पहली सुनवाई्र में कोर्ट ने स्कूल को आदेश दिया था कि याचिकाकर्ता पिता को उनके बच्चों की फीस ऑनलाइन भरने के लिए स्कूल पोर्टल पर तत्काल प्रवेश दिया जाए, ताकि बच्चे ऑनलाइन क्लासेस में शामिल हो सकें। 

इसके साथ ही पीठ ने याचिकाकर्ता को फीस ऑनलाइन जमा करने के लिए एक सप्ताह का समय दिया था, इसके साथ ही पीठ ने स्पष्ट किया था कि इस दौरान छात्रों को ऑनलाइन क्लासेस में शामिल होने से नहीं रोका जाना चाहिए। 

पीठ ने कहा था स्कूल की ओर से ऑनलाइन जो भी गतिविधियां करवाई जा रही हैं, उनसे भी बच्चों को वंचित ना रखा जाए। इस दौरान कोर्ट ने कहा था कि बच्चों का करियर सर्वोपरि है।

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