फरीदाबाद में स्कूलों का ब्योरा देने के लिए फार्म-6 भरने को लेकर निजी स्कूल संचालकों व शिक्षा विभाग के अधिकारियों के बीच ठन गई है। निजी स्कूल संचालकों ने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर ही उंगली उठा दी है।
आरोप है कि जिस विवरण को शिक्षा विभाग के अधिकारियों की ओर से बार-बार निजी स्कूलों को नोटिस भेज कर मांगा जा रहा है, उसकी जानकारी दिसंबर माह में ही निदेशालय को ऑनलाइन भेज दी गई है। फिर अब जानकारी मांगने का क्या तुक है। क्या निदेशालय स्कूलों द्वारा भेजी गई जानकारी सुरक्षित नहीं रखता। ऐसा नहीं करता है तो दोष उसका है न कि निजी स्कूलों का।
अब निजी स्कूलों से पांच वर्ष का ब्योरा क्यों मांगा जा रहा है। हरियाणा प्रोग्रेसिव स्कूल कांफ्रेंस के प्रदेश अध्यक्ष एसएस गोसाईं का कहना है कि फार्म-6 के मुद्दे पर लगातार निजी स्कूलों की छवि को खराब करने का काम किया जा रहा है। असल में तो शिक्षा विभाग की हालत खराब है। आज कोई भी रिकार्ड जमा कराओ कल वह किसी भी कीमत पर मिल नहीं सकता।
दूसरी ओर जिला शिक्षा अधिकारी राजीव कुमार अरोड़ा का कहना है कि जिन कागजों का ब्योरा निदेशालय या मंडलायुक्त की ओर से मांगा गया है उसे कभी भी विभाग ने नहीं जमा कराया है। ऐसे में निजी स्कूल संचालक पांच वर्ष के आय-व्यय का विवरण दें। विभाग पर आरोप न लगाएं।