प्रदेश के सरकारी महिला अस्पताल अब प्राइवेट नर्सिंग होम्स को टक्कर देंगे। अस्पतालों में नवजात और प्रसूताओं को अच्छी स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए मानक तय किए गए हैं।
इन मानकों के तहत अस्पतालों में सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इसके लिए प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में ‘क्वालिटी एश्योरेंस सेल का गठन हुआ है।
केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित 30 इंडिकेटर के अनुसार अस्पतालों की व्यवस्था का मूल्यांकन किया जाएगा। इसके बाद अस्पतालों में जरूरत के मुताबिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। पहले चरण में 52 जिलों के अस्पतालों को चुना गया है।
इसमें गाजियाबाद, मेरठ, बरेली और लखनऊ शामिल हैं। 30 इंडिकेटर के अनुसार सभी जिलों से मासिक रिपोर्ट मांगी गई है। निजी अस्पतालों को टक्कर देने के लिए यह पहल की जा रही है। इसके आधार पर सरकारी महिला अस्पतालों को ग्रेडिंग दी जाएगी सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा।
इसमें रात में हुई सर्जरी का प्रतिशत, दिन में हुई सर्जरी का प्रतिशत, मरीज और बेड का अनुपात, इमरजेंसी में मौत की दर, रेफरल रेट, मेजर सर्जरी का अनुपात, ओपीडी और इनडोर में प्रति डाक्टर देखे गए मरीजों का डाटा, मातृ मृत्यु दर और बाल मृत्यु दर सभी की रिपोर्ट मांगी गई है।
जेडी हेल्थ डा. कनौजिया ने बताया कि सभी जनपदों से रिपोर्ट मांगी गई है और जल्द ही इस पर काम शुरू हो जाएगा।