निजी अस्पतालों में भर्ती रोगियों के लार के नमूने स्वाइन फ्लू की सरकारी पुष्टि के लिए सीधे राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) नहीं भेजे जाएंगे। निजी अस्पतालों के मरीजों को पहले वहीं जांच करानी होगी। पॉजिटिव रिपोर्ट आने के बाद ही स्वास्थ्य विभाग सरकारी पुष्टि के लिए नमूने को जांच के लिए एनसीडीसी भेजेगा। वहीं, जिला अस्पताल में स्वाइन फ्लू की जांच की सुविधा नहीं होने के कारण नमूने सीधे एनसीडीसी भेजे जाएंगे।
जिला मलेरिया अधिकारी फूल सिंह ने बताया कि मरीजों में निजी अस्पताल या लैब की रिपोर्ट पॉजिटिव होने के बाद ही नमूने सरकारी पुष्टि के लिए एनसीडीसी जाएंगे। इसके पीछे उनका तर्क है कि निजी अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने वाले रोगियों को सीधे सरकारी पुष्टि की सुविधा देने पर काफी ज्यादा नमूने हो जाएंगे, जिन्हें एनसीडीसी भेजना संभव नहीं है।
निजी अस्पतालों की कमाई का रास्ता साफ
स्वास्थ्य विभाग के इस निर्णय से निजी अस्पतालों के लिए कमाई का रास्ता और साफ हो गया है। निजी लैब और अस्पताल में स्वाइन फ्लू की जांच काफी महंगी है। वहीं जिला अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड तो बना दिया गया है, लेकिन वहां मरीजों को भर्ती नहीं किया जा रहा। ऐसे में मरीज जांच के लिए निजी अस्पताल जाने को मजबूर हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग एक राहत देते हुए निजी अस्पताल के मरीजों को दवा उपलब्ध करा रहा है।
स्वाइन फ्लू को लेकर मरीजों में शंका
स्वाइन फ्लू को लेकर लोगों को शंका पैदा हो रही है। स्वाइन फ्लू नोडल अधिकारी डॉ. सुभाष गुप्ता ने बताया कि कुछ मरीज ऐसे हैं, जिन्होंने स्वास्थ्य विभाग से भी टैमी फ्लू ली है और जिला अस्पताल में भी टैमी फ्लू लेने के लिए पहुंचे। ये मरीज बीमारी के बारे में कई बार जानकारी ले चुके हैं। सामान्य सर्दी जुकाम होने पर भी लोग स्वाइन फ्लू की जांच कराना चाहते हैं।