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राहत और आफतः कोरोना के नाम पर छूटे कैदियों की खत्म होगी मौज

Wed, 21 Oct 2020 05:01 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

  • हाईकोर्ट ने कहा-संक्रमण के नाम पर रिहाई पर लगनी चाहिए रोक
  • तिहाड़ जेल के 6,711 कैदी अंतरिम जमानत या पैरोल पर हैं बाहर 
  • 3 कैदियों का ही इलाज, रिहा होने वाले कर रहे रियायत के दुरुपयोग
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Tihar jail... - फोटो : PTI
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विस्तार
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कोरोना काल में संक्रमण के चलते पैरोल या जमानत पर बाहर घूम रहे कैदियों की मौज जल्द खत्म हो सकती है। जेलों में संक्रमण रोकने के लिए अंतरिम जमानत और पेरोल बढ़ाने के बाद इसके दुरुपयोग की बात सामने आने पर हाईकोर्ट ने कहा, ऐसा है तो इसमें बदलाव होना चाहिए। तिहाड़ जेल प्रशासन ने हाईकोर्ट को बताया, तिहाड़ के 6,711 कैदी अंतरिम जमानत या पैरोल पर बाहर हैं। इनमें से केवल तीन ही कोरोना संक्रमित हैं। वहीं, लोक अभियोजक ने दलील दी कि कैदी हाईकोर्ट के आदेश का दुरुपयोग कर रहे हैं।

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मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल, न्यायमूर्ति सिद्धार्थ मृदुल और न्यायमूर्ति तलवंत सिंह के समक्ष तिहाड़ जेल प्रशासन ने हलफनामा दाखिल करके जवाब पेश किया। जेलों में कोरोना संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए कैदियों की अंतरिम जमानत और पैरोल बढ़ाने के आदेश के दुरुपयोग को लेकर विशेष लोक अभियोजक अमित प्रसाद ने याचिका दायर की है। इसमें दावा किया गया है कि हाईकोर्ट द्वारा अंतरिम जमानत और पैरोल अवधि बढ़ाने का आदेश कोरोना महामारी की स्थिति सामान्य होने तक बढ़ाई गई थी। इस आदेश से संक्रमण रुका, लेकिन कुछ कैदियों ने निजी पारिवारिक कारणों से नियमित अंतरित जमानत की जगह इस आदेश का फायदा उठाया।

तिहाड़ जेल प्रशासन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने बताया, जघन्य अपराध की श्रेणी वाले 2,318 और छोटे अपराध की श्रेणी वाले 2,907 कैदियों को हाईकोर्ट और निचली अदालतों ने अंतरिम जमानत दी है। महामारी पर जारी आदेश के तहत 6711 कैदी अंतरिम जमानत या पेरोल पर हैं। इस पर पीठ ने कहा, अगर जेलों में संक्रमण लगभग समाप्त हो चुका है तो आदेश में बदलाव करना चाहिए। इससे पहले तीन सदस्यों की पीठ ने 24 अगस्त को सभी कैदियों की अंतरिम जमानत और परोल अवधि 31 अक्तूबर तक बढ़ा दी थी।
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...तो करना चाहिए आदेश में बदलाव
तिहाड़ जेल प्रशासन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने पीठ को बताया कि जघन्य अपराध की श्रेणी वाले 2318 और छोटे अपराध की श्रेणी में आने वाले 2907 कैदियों को हाईकोर्ट और निचली अदालतों से अंतरिम जमानत दी गई है। वर्तमान में कोरोना महामारी पर जारी आदेश के तहत 6711 कैदी अंतरिम जमानत या पेरोल पर हैं। 

इस दलील के बाद पीठ ने कहा कि अगर जेलों में कोरोना संक्रमण अब लगभग समाप्त हो चुका है तो उस आदेश में बदलाव करना चाहिए। इससे पहले तीन सदस्यों की पीठ ने 24 अगस्त को सभी कैदियों की अंतरिम जमानत और परोल अवधि 31 अक्तूबर तक बढ़ा दी थी।

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