छह महीने से नहीं मिलने आया कोई घरवाला, हत्यारोपी कैदी ने तिहाड़ में लगाई फांसी
Tue, 04 Jul 2017 09:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
सार
पुलिस को मृतक के पास से नहीं मिला कोई सुसाइड नोट, दिसंबर माह में किया गया था तिहाड़ से यहां शिफ्ट
मंडोली जेल में उम्र कैद की सजा काट रहे कैदी ने लगाई फांसी
- पुलिस को मृतक के पास से नहीं मिला कोई सुसाइड नोट, दिसंबर माह में किया गया था तिहाड़ से यहां शिफ्ट
- परिवार का कोई भी सदस्य या रिश्तेदार नहीं आ रहा था मिलने, इसकी वजह से था डिप्रेशन का शिकार
- पहले भी कई बार कर चुका था आत्महत्या का प्रयास, कैदिया ने समझाकर हमेशा बचाया
- पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव जीटीबी अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया
- बहन रहती है कहीं विदेश, नहीं हो सकी परिवार को आत्महत्या की जानकारी, छानबीन जारी
दिल्ली की मंडोली जेल में उम्र कैद की सजा काट रहे एक कैदी ने बाथरूम की खिड़की में कपड़े का फंदा बनाकर फांसी लगा ली। मृतक की शिनाख्त विजय (40) के रूप में हुई है। पुलिस की मानें तो विजय सुल्तानपुरा इलाके में हुई ऑटो चालक की हत्या के मामले में उम्र कैद की सजा काट रहा था।
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पुलिस को मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। शुरूआती जांच के बाद पुलिस को पता चला है कि पिछले छह माह से विजय से उसका कोई भी परिजन मिलने नहीं आया था, जिसके बाद से वह डिप्रेशन का शिकार था।
फिलहाल पुलिस ने विजय का पोस्टमार्टम कराकर शव जीटीबी अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। हर्ष विहार थाना पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
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पुलिस के मुताबिक हत्या के मामले में सजा मिलने के बाद से वह पहले तिहाड़ जेल में बंद था। 18 दिसंबर 2016 को उसे तिहाड़ से मंडोली जेल में शिफ्ट कर दिया गया था। यहां वह जेल नंबर-13 में बंद था। शनिवार दोपहर को विजय नहाने के बहाने बाथरूप में गया, वहां उसने खिड़की से कपड़ा बांधकर फांसी लगा ली।
अन्य कैदियों ने देखकर मामले की सूचना जेल प्रशासन को दी। दोपहर करीब 2.30 बजे पुलिस को मामले की सूचना दी गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा।
जांच के दौरान पुलिस विजय के पते ए-37-जेड, डीडीए फ्लैट जहांगीरपुरी पहुंची। वहां पता चला कि कई साल पहले ही विजय के माता-पिता की मौत हो चुकी है। उसकी एक ही बहन है जो विदेश में कहीं रहती है।
पुलिस उसके परिजनों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है। पुलिस ने रविवार को उसके शव का पोस्टमार्टम कराकर शव मोर्चरी में ही सुरक्षित रखवा दिया है। परिजनों के आने के बाद शव उनके हवाले कर दिया जाएगा।
वहीं जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि विजय ने सुल्तानपुरी इलाके में एक ऑटो लूटने के बाद चालक की हत्या कर दी थी, जिसके बाद अदालत ने उसे उम्र कैद की सजा सुनाई थी।
इधर जांच के दौरान पुलिस को पता चला है कि हताश होकर विजय ने जेल में ही कई बार फांसी लगाने का प्रयास किया था, लेकिन उसके साथियों ने उसे बचा लिया था। हर्ष विहार थाना पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।