छह भाई-बहन है पीड़िता
पुलिस ने पहले दिन उन्हें और छात्रा को बैठाया था। अभी पॉक्सो की धाराएं नहीं लगी है। इससे पूर्व इसी स्कूल में पढ़ी हुई चार बेटियों के साथ कभी कोई शिकायत और बदतमीजी नहीं हुई। पूर्व में कई बार जब बेटी स्कूल नहीं जा रही थी तो मां से इसका कारण पूछा था, लेकिन छात्रा लोक-लज्जा के डर से अपने साथ हो रही बैड टच की बात को छिपाए थी। वह भैंस की बुग्गी चलाकर परिवार का पालन पोषण करते हैं। उनकी छह बेटी और दो बेटे हैं। तीन बेटियों की शादी हो चुकी है। पीड़ित छात्रा पांचवें नंबर की बेटी है। दोनों बेटे और एक छोटी बेटी गांव के एक स्कूल में पढ़ते हैं।
पुलिस ने स्कूल में मौजूद रहे छात्र और अध्यापकों के बयान दर्ज किए
बेटी ने 10वीं की परीक्षा दूसरे स्कूल से अच्छे नंबर से पास की है। इसके बाद 11वीं में दाखिला संबंधित स्कूल में लिया। बेटी के पास मोबाइल नहीं है। बुधवार को पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया था उन्हें सारे जानकारी दी है। वहीं, पुलिस ने छात्रा को घंटों बैठाए जाने की बात से इंकार किया है। पुलिस का कहना है कि जांच के बाद जरूरी बयान दर्ज होने पर पॉक्सो के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने घटना वाले स्कूल में मौजूद रहे छात्रों और अध्यापकों के बयान दर्ज किए हैं।
अनुपस्थित रहने के साथ परीक्षा नहीं देने पर टोकने की बात पर हुई नाराज
स्कूल प्रिंसिपल का कहना है कि 28 अक्तूबर को आंतरिक परीक्षा खत्म हुई थी। 29 अक्तूबर को स्कूल खुला था। 30 अक्तूबर से 3 नवंबर तक स्कूल बंद था। स्कूल खुलने के परीक्षा नहीं देने वाले छात्रों के साथ कम उपस्थिति वाले छात्रों की जानकारी अध्यापकों से देने को कहा था। 11 नवंबर को जब छात्र स्कूल पहुंची थी तो उससे पिता का नंबर मांगा था। अध्यापकों के साथ उन्होंने परीक्षा नहीं देने लगातार अनुपस्थित रहने पर टोका था। यही बात छात्रा को बुरी लग गई। इसके बाद वह अपने परिजन को लेकर मंगलवार को स्कूल पहुंची थी। छात्रा के परिजन ने उनसे मारपीट, अभद्रता कर जातिसूचक शब्द कहे। स्कूल में 26 अध्यापक हैं। इनमें 10 महिला व बाकी पुरुष अध्यापक हैं।
डीसीपी सेंट्रल नोएडा जोन शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि स्कूल प्रिंसिपल (प्रथम पक्ष) ने पहले शिकायत दी थी। जिसमें छात्रा के परिजन द्वारा स्कूल में आकर धमकाने, मारपीट व जातिसूचक शब्द की बात थी। इस कारण प्रथम पक्ष की तहरीर पर एसएसटी एक्ट सहित बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। चूंकि छात्रा (द्वितीय पक्ष) ने बाद में तहरीर दी थी, लिहाजा संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। विवेचनात्मक कार्रवाई की जा रही है।