सभी मंत्रालयों ने अपनी कार्यप्रणाली में आने वाली समस्याओं को पहले ही हैकॉथन में शामिल छात्रों को बता चुकी है। जिसको लेकर छात्र काम कर रहे हैं। हैकाथन में 8 सदस्यों की एक टीम होगी जो लगातार अपने सॉफ्टवेयर या शोध पर काम करेगी।
इसमें प्रोग्रामिंग और कोडिग भी शामिल है। 36 घंटे का समय दिया जाएगा। आयोजन में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद और केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय का मुख्य रूप से सहयोग रहेगा।
29 मंत्रालयों ने बताईं 598 समस्याएं
29 मंत्रालयों के ओर से 598 समस्याएं दी गई हैं। हैकॉथन के दूसरे चरण में देश भर के 1200 से अधिक इंस्टीट्यूट के विद्यार्थियों ने भाग लिया है। जिनके 7531 विचारों को शामिल किया गया है। 390 लोग इनके विचारों का मूल्यांकन कर अवलोकन कर रहे हैं। फाइनल चरण में 1168 टीमें हैं। इनमें सिर्फ 135 टीमों को आखिरी में चुना जाना है।