बहादुरगढ़ के लिए उपयोगी
पहाड़गंज में दी थी धमकी, मध्य जिला पुलिस की आईपी एस्टेट इलाके में कब्रिस्तान के पास सोमवार देर रात हुई मुठभेड़
-पवन कुमार उर्फ पवन पहलवान की दोनों टांगों में लगी गोली, अस्पताल में कराया भर्ती
-पहाड़गंज के लोकल बिल्डर व होटल मालिकों के साथ मिलकर पवन कुमार चला रहा था वसूली का धंधा
-एक आरोपी को पुलिस ने कोलकाता से दबोचा, पिस्टल समेत अन्य सामान बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
मध्य जिला पुलिस ने सोमवार को मुठभेड़ के बाद बदमाश पवन कुमार उर्फ पवन पहलवान (23) को दबोचा है। हरियाणा के बहादुरगढ़ का रहने वाला बदमाश शूटर है और रंगदारी का संगठित गिरोह चलाता है। उस पर पहाड़गंज इलाके में 29 जून को बिल्डर व प्रॉपर्टी डीलर के दफ्तर में घुसकर 30 लाख रुपये की रंगदारी मांगने व गोली चलाने का आरोप है। पवन के दोनों पैर में गोली लगी है। इसके अलावा मध्य जिला पुलिस ने पूरी साजिश रचने के आरोप में चार अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया है। इनमें ईको टेक-1 थाना, गौतमबुद्ध नगर, यूपी का हिस्ट्रीशीटर शक्ति सिंह (41) के अलावा विशाल भाटी उर्फ भांजा (21) लोकल बिल्डर व होटल कारोबारी पवन चेतली (46) और राजेश सचदेवा उर्फ सोनू मोटा (56) शामिल हैं।
पुलिस ने आरोपियों के पास से एक पिस्टल, दो कारतूस, तीन खोखे और चोरी की एक बाइक बरामद की है। इस पूरी साजिश को पवन कुमार, पवन चेतली व राजेश सचदेवा ने मिलकर रचा था। दरअसल पवन चेतली के कहने पर पवन कुमार एरिया में अपना दबदबा बनाने के लिए वसूली कर रहा था। 29 जून को पवन चेतली की सूचना पर वसूली का प्रयास किया गया था। मध्य जिला पुलिस उपायुक्त रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि 29 जून को बदमाश राहुल जिंदल नामक बिल्डर के दूसरी मंजिल स्थित दफ्तर में घुस गए थे। उस समय राहुल के पिता महेश चंद वहां मौजूद थे। अंदर पहुंचे पवन कुमार ने पिस्टल दिखाते हुए 30 लाख रुपये रंगदारी देने की बात की। पांच लाख रुपये तुरंत इंतजाम करने के लिए कहा गया। मना करने पर आरोपी ने कई राउंड गोलियां चलाई और बदमाश फरार हो गए। नबी करीम थाने में इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। स्पेशल स्टाफ और नबी करीम थाने की पांच टीमों का गठन किया गया। जांच के बाद पुलिस ने सबसे पहले विशाल भाटी उर्फ भांजा को गिरफ्तार किया।
उसने पूछताछ के दौरान पूरी साजिश से पर्दा उठा दिया। विशाल ने बताया कि लोकल बिल्डर व होटल मालिक पवन चेतली अपने साथियों राजेश सचदेवा व शक्ति सिंह के साथ मिलकर एरिया में रंगदारी का रैकेट चला रहा था।