फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वाइन फ्लू का बढ़ता खतरा: सावधानी ही बचाव, लक्षण दिखें तो तुरंत लें डॉक्टर की सलाह

विज्ञापन
विज्ञापन
-स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे हो सकते
विज्ञापन


अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली में मानसून के साथ स्वाइन फ्लू (एच1एन1) का खतरा बढ़ता नजर आ रहा है। मौसम में नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव के बीच इन्फ्लूएंजा वायरस तेजी से फैल सकता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार स्वाइन फ्लू एक वायरल संक्रमण है, जो संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने और नजदीकी संपर्क में आने से फैलता है। संक्रमित सतह को छूने के बाद बिना हाथ धोए आंख, नाक या मुंह छूने से भी वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है।

स्वाइन फ्लू के शुरुआती लक्षण सामान्य वायरल बुखार जैसे हो सकते हैं। इसमें तेज बुखार, लगातार या सूखी खांसी, गले में खराश, नाक बहना, सिरदर्द, शरीर में दर्द और अत्यधिक थकान शामिल हैं। कुछ मरीजों में संक्रमण बढ़ने पर सांस लेने में परेशानी भी हो सकती है। आरएमएल अस्पताल के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. अजय चौहान का कहना है कि खासकर बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं, छोटे बच्चों और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। उन्होंने बिना सलाह के एंटीबायोटिक या अन्य दवाएं लेने से भी बचने की सलाह दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


बचाव के लिए छोटी-छोटी सावधानियां जरूरी
डॉक्टरों के अनुसार, संक्रमण से बचने के लिए नियमित रूप से साबुन से हाथ धोना, भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क लगाना और खांसते-छींकते समय मुंह-नाक ढकना बेहद जरूरी है। संक्रमित व्यक्ति से उचित दूरी बनाए रखें और पर्याप्त पानी पीने के साथ संतुलित आहार लें। एक डॉक्टर के अनुसार, शुरुआती लक्षणों पर जांच और इलाज शुरू होने से ज्यादातर मरीज पूरी तरह ठीक हो जाते हैं। वहीं, दूसरे विशेषज्ञ ने सलाह दी कि अगर बुखार तीन दिन से ज्यादा रहे, सांस लेने में परेशानी हो या कमजोरी लगातार बढ़ती जाए तो तुरंत अस्पताल जाना चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें