फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मोबाइल पर पैनिक बटन 112 दबाएं, 10 मिनट में मदद पाएं

Wed, 20 Feb 2019 06:12 AM IST
राजेश सैनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
पैनिक बटन
विज्ञापन

संकट में घिरे किसी को भी अब अपने मोबाइल या लैंड लाइन फोन से 112 नंबर डायल करते ही 10 से 15 मिनट में मदद मिल जाएगी। गृह और महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने मिलकर जीपीएस तकनीक वाली 112 इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ईआरएसएस) लागू कर दिया है। फिलहाल यह सुविध 16 राज्यों के लिए है, लेकिन मार्च के अंत तक पूरे देश में लागू हो जाएगी। सभी इमरजेंसी नंबरों को 112 में ही समाहित किया गया है। 

विज्ञापन


गृह मंत्रालय के मुताबिक सरकार ने इसमें वॉलंटियर को भी शामिल किया है। जो भी व्यक्ति इस सिस्टम में खुद को शामिल करना चाहता है वह एप से पंजीकरण करवा सकता है। जब भी कोई पैनिक बटन दबाएगा उस इलाके के स्वयंसेवी को भी सिग्नल चला जाएगा। पुलिस या सरकारी मदद आने तक स्वयंसेवी हालात को संभाल सकते हैं। सरकार ने लोगों से इस योजना में शामिल होने का आह्वान किया है।

इन राज्यों में हुआ लागू
ईआरएसएस सेंटर बनाने की जिम्मेदारी राज्य सरकारों की होगी। अभी 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने दूरसंचार विभाग के साथ मिलकर ये केंद्र बनाए हैं। यह राज्य हैं उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, जम्मू-कश्मीर, आंध्र प्रदेश, केरल, मध्य प्रदेश,  राजस्थान, तेलंगाना, तमिलनाडु, गुजरात, पुड्डुचेरी, लक्षद्वीप, अंडमान निकोबार, दादर नगर हवेली और दमन दीव। बाकी राज्यों में इस पर तेजी से काम चल रहा है। महाराष्ट्र में सिर्फ मुंबई में यह सिस्टम लागू हुआ है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

चार तरीकों से 112 नंबर से करें संपर्क 
1. स्मार्ट फोन पर 112 इंडिया मोबाइल एप लोड करना होगा। पैनिक बटन दबाने के साथ ही रिस्पांस केंद्र सेटेलाइट के जरिये संपर्क में आ जाएंगे।
2. जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं है, वह साधारण मोबाइल पर 5 या 9 में से किसी एक नंबर को लंबे समय तक दबाए रखें। इस प्रक्रिया से 112 ईआरएसएस का सेंटर खुद सक्रिय हो जाएगा और जीपीएस से लोकेशन पता कर लेगा। 
3. लैंड लाइन से सीधे 112 नंबर डायल कर संपर्क किया जा सकता है। 
4. वेबसाइट के जरिये भी 112 नंबर टाइप कर रिस्पांस केंद्र से संपर्क किया जा सकता है।

दुष्कर्मियों को ट्रैक करने का पोर्टल भी लांच
गृहमंत्री राजनाथ सिंह और महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने 112 ईआरएसएस के साथ सुरक्षित शहर और दुष्कर्मियों को ट्रैक करने संबंधी पोर्टल का भी आगाज किया। इनवेस्टिगेशन ट्रैकिंग सिस्टम फॉर सेक्सुअल ऑफेंडर (आईटीएसएसओ) और सेफ सिटी इंप्लीमेंटेशन पोर्टल के जरिये महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने की योजना है। 
इसके अलावा गृह मंत्रालय ने निर्भया फंड के तहत 78.86 करोड़ रुपया जारी किया है। इससे चार फॉरेंसिक साइंस केंद्रों में डीएनए परीक्षण व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा। 

महिला को सुरक्षित वातावरण देने के लिए सिर्फ पुलिस और न्यायिक व्यवस्था की मजबूती नहीं, मानसिकता में भी बदलाव की जरूरत है। सभी लोग मिलकर देश में महिलाओं को सम्मान और सुरक्षित माहौल दे सकते हैं। - राजनाथ सिंह, गृहमंत्री
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें