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बुलंदशहर गैंगरेपः गैंगरेप से पहले घंटों पी थी शराब फिर दिया वारदात को अंजाम

Wed, 10 Aug 2016 01:53 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, ग्रेटर नोएडा
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- फोटो : अमर उजाला
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बुलंदशहर एनएच-91 पर लूट व मां-बेटी से गैंगरेप की दर्दनाक घटना के आरोपियों की गिरफ्तारी पर पुलिस महानिरीक्षक मेरठ जोन सुजीत पांडे ने मंगलवार को प्रेसवार्ता बुलाई। उन्होंने बताया कि तीन आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था।
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  अब तिरवा कन्नौज निवासी सलीम बावरिया उर्फ बीना उर्फ दीवानजी, जुबैर उर्फ परवीन और साजिद को गिरफ्तार किया गया है। एक आरोपी फाती अभी भी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है।
आईजी ने बताया कि तीनों आरोपियों को मेरठ मवाना के नवीन मंडी से गिरफ्तार किया गया। तीनों यहां से बिजनौर भागनेे की फिराक में थे। आरोपियों के कब्जे सेे पुलिस ने दो तमंचे, चार कारतूस, वारदात की रात पहनी गई जींस, टी-शर्ट, लोअर, लूटे गए गहने और नकदी भी बरामद की है।
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पुलिस को इन राज्यों में हुई वारदात में मिली समानता

bulandshahr gangrape - फोटो : अमर उजाला
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वारदात की रूपरेखा मेरठ के किठोर में तैयार की गई थी। आरोपी किठोर में तीन दिन रुके थे। वारदात के दिन वह हापुड़ के रास्ते बुलंदशहर पहुंचे और शराब पीनेे के बाद शिकार की तलाश में जुट गए और उन्होंने देर रात वारदात को अंजाम दिया।
गैंगरेप किस-किस ने किया स्पष्ट नहीं
प्रेसवार्ता में आईजी से सवाल किया गया कि पकड़े गए छह आरोपियों में से गैंगरेेप में कौन-कौन शामिल रहा है। इस पर आईजी नेे कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गैंगरेेप किस-किस ने किया। आरोपियों से सख्ती से पूछताछ के बाद ही पूरे मामले से पर्दा उठेगा।

राजस्थान, बिहार व झारखंड में कर चुके हैं वारदात बुलंदशहर की घटना से पहले आरोपी राजस्थान के हनुमानगढ़, बिहार और झारखंड में इसी तरह की वारदात को अंजाम दे चुके हैं। आईजी मेरठ जोन सुजीत पांडेय ने बताया कि पुलिस की टीमें जब वहां घटना की जांच करने पहुंचीं तो पता चला कि आरोपियों ने वारदात में इसी तरह की ही कार्यप्रणाली अपनाई थी।

आरोपी एक स्थान पर रुककर दो-तीन वारदात को अंजाम देकर दूसरे स्थान पर चले जाते थे। वारदात करने से पहले आरोपी अपना मोबाइल बंद कर देते थे। बुलंदशहर गैंगरेेप मामले में भी आरोपियों ने ऐसा ही किया था।
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गिरोह दो टीमों में कारों पर हाईवे में चलता है

bulandshahr gangrape - फोटो : अमर उजाला
आईजी ने बताया कि तीनों मामलों में भी बावरिया के एक्सल मार गिरोह पर शक था। बुलंदशहर के अलावा तीनों घटनाओं से पहले गिरोह के सदस्यों ने कुछ दिन पहले रेकी की थी। घटना वाले दिन से लगभग 15 से 18 घंटे पहले गिरोह के सदस्य मोबाइल स्विच ऑफ कर देते हैं।

गिरोह दो टीमों में कारों पर हाईवे में चलता है। इस दौरान दोनों गाड़ियों की दूरी 50 से 100 मीटर के आसपास होती है। इस दौरान गिरोह लूटने वाली गाड़ी पर दो एक्सल, आरी, रिंच या पाना मारते हैं।

पहली बार में यदि कोई गाड़ी नहीं रोकता है तो दूसरी गाड़ी के लुटेरे दूसरा एक्सल फेंकते हैं। हाईवे पर कार रुकने के बाद दोनों गाड़ियां घेर लेती हैं। चारों घटनाओं में देखा गया है कि बदमाश महिलाओं और पुरुषों को अलग-अलग ले गए। बावरिया गिरोह के संबंध में तीनों राज्यों की पुलिस से संपर्क किया गया है। बुलंदशहर की घटना को सात लोगों ने अंजाम दिया है, लेकिन गिरोह में एक दर्जन से अधिक सदस्य हैं, जिन्हें तलाश किया जा रहा है।

मोबाइल की होगी पड़ताल, कई वारदात खुलेंगी
आईजी ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से बरामद मोबाइल की गहन पड़ताल की जा रही है। इससेे अन्य राज्यों की वारदात का भी खुलासा होगा। सभी राज्यों की पुलिस को बुलाया जाएगा और आरोपियों के संबंध में जानकारी हासिल की जाएगी।
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