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जामिया मिल्लिया इस्लामिया के दीक्षांत समारोह में पहुंचे राष्ट्रपति कोविंद, छात्र-छात्राओं को दी बधाई

Wed, 30 Oct 2019 08:16 PM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पहुंचे जामिया मिल्लिया के दीक्षांत समारोह में - फोटो : Amar Ujala
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खुद के साथ समाज को शिक्षित करना सबसे बड़ी शिक्षा है। जब हम समाज को शिक्षित करने की जिम्मेदारी लेते हैं तभी देश आगे बढ़ता है। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने यह बात बुधवार को जामिया मिल्लिया इस्लमिया के शताब्दी वर्ष के पहले दीक्षांत समारोह में कही। 

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उन्होंने जामिया द्वारा पांच गांवों को गोद लेकर किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यदि संभव हो तो कुछ अन्य गांवों को भी गोद लें। उन गांवों में दो-दो महीने के अंतराल पर जाएं और साक्षरता, न्यूट्रीशन, टीकारण, साफ-सफाई आदि विषयों पर काम करें। आम लोगों खासकर पिछड़े वर्गों को आगे बढ़ाने पर फोकस करें। 

राष्ट्रपति ने कहा कि जामिया के सौ सालों के इतिहास में पहली बार कुलाधिपति और कुलपति दोनों महिलाएं हैं। महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए मानव संसाधन विकास मंत्रालय और विश्वविद्यालय प्रबंधन को बधाई देता हूं। उन्होंने कहा कि कुलपति प्रो. नजमा अख्तर और कुलाधिपति नजमा हेपतुल्ला दोनों हमनाम हैं और इनके नाम का मतलब है कि स्टार और सितारा। आप दोनों बेटियों के लिए गाइडिंग स्टार्स हैं। 
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उन्होंने महिला प्रतिभाओं की अमर यादगार के रूप में जामिया कैंपस में ही उर्दू साहित्य की अजीम कलम-निगार, कुर्रत-उल-ऐन-हैदर जैसी अदीबा की कब्र मौजूद है। मुझे यकीन है कि उनकी मिसाल और आप जैसी रोल-मॉडल महिलाओं की प्रेरणा लेकर हमारी ये बेटियां भी कामयाबी की बुलंदियों तक पहुंचेगी। गोल्ड मैडल पाने वाले छात्रों में छात्राओं की संख्या अधिक है। इसे देखकर इन काबिल और होनहार बेटियों में समाज व देश के आने वाले कल की सुनहरी तस्वीर दिखाई देती है। 

इससे पहले कुलपति प्रो. नजमा अख्तर ने विश्वविद्यालय की रिपोर्ट पेश की। 

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नई शिक्षा नीति से भारत को नालेज सुपर पावर बनाना मकसद

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद पहुंचे जामिया मिल्लिया के दीक्षांत समारोह में - फोटो : अमर उजाला
राष्ट्रपति ने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने द्वारा प्रस्तावित नई शिक्षा नीति का मकसद भारत को %नालेज सुपर पावर % के रूप में स्थापित करना है। भारतीय छात्रों की प्रतिभा का दुनिया लोहा मानती है। 

देश के अन्य संस्थानों की तरह जामिया फ्रांस, जर्मनी, युनाइटेड किंगडम, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, फिनलैंड, मैक्सिको, जापान आदि देशों के साथ सहयोग कर रहा है। विश्वविद्यालय सेंटर फॉर नैनो-साइंस एंड नैनो टेक्नोलॉजी में पढ़ाई के साथ शोधकार्यों पर फोकस कर रहा है। आजादी की जंग से शुरू जामिया आज देश में शिक्षा की क्रांति लाने में जुटा है। 

देश की प्रथम महिला नागरिक भी पहुंची 
पहली बार देश की प्रथम महिला नागरिक सबिता कोविंद ने भी जामिया के दीक्षांत समारोह में विशेष रूप से शिरक्त की। दरअसल जामिया की कुलपति और कुलाधिपति दोनों महिला हैं। इसीलिए महिलाओं को आगे बढ़ाने का संदेश देते हुए प्रथम महिला नागरिक भी मंच पर मौजूद रहीं। उन्होंने भी जामिया की पहली कुलपति और कुलाधिपति को शताब्दी वर्ष समारोह पर बधाई दी। 
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