दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ने के साथ ही दिल्ली की सियासत एक बार फिर गरमा गई है। आम आदमी पार्टी (आप) इसकी वजह पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने के मामलों में हुई बढ़ोतरी को बता रही है। वहीं, भाजपा इसके लिए दिल्ली सरकार की नाकामी बता रही है।
पार्टी कार्यालय में मीडिया से बात करते हुए आप के वरिष्ठ नेता दिलीप पांडेय ने कहा कि पंजाब व हरियाणा में पराली जलाने के मामले बढ़ गए हैं। इससे दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति गंभीर हो गई है।
पांडेय ने अपील की कि दिल्लीवालों की सांस के लिए राजनीतिक विचारधारा से ऊपर उठकर हर पार्टी को आगे आना चाहिए। दूसरी तरफ आतिशी ने कहा कि केंद्र सरकार समेत पंजाब और हरियाणा की सरकारें जब तक कड़ी कार्रवाई नहीं करती, अकेले दिल्ली प्रदूषण की समस्या से नहीं लड़ सकती।
दिलीप पांडेय के मुताबिक, पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) के आंकड़े बता रहे हैं कि पिछले साल 27 अक्तूबर तक 9,600 पराली के जलने की घटनाएं दर्ज की गईं। इस साल यह आंकड़ा 12,027 हो गया है। पंजाब और हरियाणा में कम से कम 400 मिलियन की वृद्धि दर्ज की गई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 27 अक्तूबर तक पराली जलने की घटनाएं राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण में एक प्रमुख कारण है।