इनमें लोक निर्माण विभाग, स्थानीय निकाय और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण शामिल हैं। साथ ही, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, यातायात पुलिस, वित्त विभाग, नगरीय विकास विभाग भी शामिल हैं। परिवहन क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि सार्वजनिक परिवहन को बेहतर बनाने के लिए यह एक अच्छा कदम है। यह हैदराबाद में लागू किया जा चुका है।
हॉट एयर बैलून से शहर को निहारने का मिलेगा मौका, कंपनियों से ई-प्रस्ताव मांगे
लोगों को जल्द ही हॉट एयर बैलून की सवारी करने को मिलेगी। इसके लिए डीडीए ने कंपनियों से ई-प्रस्ताव मांगे हैं, ताकि लोगों को आसमान से शहर का सुंदर नजारा देखने का मौका मिले। ये योजना दिल्ली के पर्यटन को भी नई ऊंचाई देगी। डीडीए ने शहर के विभिन्न स्थानों पर टेदर्ड (रस्सी से बंधा) हॉट एयर बैलून योजना शुरू करने के लिए ऑनलाइन निविदाएं आमंत्रित की हैं। डीडीए के कमिश्नर (स्पोर्ट्स) ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के लिए इच्छुक कंपनियों को ई-टेंडर के जरिये दो चरणों में बोली लगाने के लिए आमंत्रित किया गया है।
इसके लिए 27 जून को सिरी फोर्ट स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में दोपहर 3 बजे बैठक होगी, जहां इच्छुक कंपनियां योजना के बारे में विस्तार से जान सकेंगी। टेंडर जमा करने की आखिरी तिथि 7 जुलाई और तकनीकी बोली 8 जुलाई को खुलेगी। डीडीए ने साफ किया है कि केवल अनुभवी कंपनियां ही इस प्रक्रिया में हिस्सा ले सकती हैं। एक बार सहयोगी तय होने के बाद परियोजना शुरू करने के लिए उचित स्थान तय किया जाएगा।
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की पुनर्विकास, परियोजना से जुड़ी अड़चन होगी दूर
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन की पुनर्विकास परियोजना से जुड़ी अड़चनों को रेलवे प्रबंधन दूर करने में जुटा हुआ है। रेलवे स्टेशन के पहाड़गंज की तरफ सबसे पहले विकास कार्य किया जाना है। इसे लेकर टेंडर भी आवंटित हो चुका है।
वर्तमान में पेड़ों की अड़चन होने से निर्माण का काम प्रभावित है। उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने दिल्ली वृक्ष संरक्षण अधिनियम (डीपीटीए), 1994 के तहत विशेष छूट दी है। इस कदम से रेल भूमि विकास प्राधिकरण (आरएलडीए) को 115.88 हेक्टेयर क्षेत्र में फैले 887 पेड़ों को गिराने या हटाने के लिए औपचारिक अनुमति के लिए मंजूरी मिल गई है।
इस संबंध में जारी अधिसूचना में कहा गया है कि नामित वृक्ष अधिकारी आरएलडीए के आवेदन की जांच करेगा। इसमें यह भी है कि इस अधिसूचना को पेड़ों के काटने या हटाने के लिए अनुमति के रूप में नहीं माना जाएगा। अब वृक्ष अधिकारी इस मामले में उप वन संरक्षक (केंद्रीय प्रभाग), स्वतंत्र रूप से पेड़ों की अड़चन से संबंधित आवेदन की जांच करेंगे।
इधर, परियोजना के जुड़े रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। पहले चरण में स्टेशन के पहाड़गंज की तरफ मल्टी माडल ट्रांसपोर्ट हब (एमएमटीएच) बनाने का काम होगा। इससे रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को एयरपोर्ट की तरह सुविधाएं मिलने के साथ ही भीड़ प्रबंधन में आसानी होगी। स्टेशन के आसपास यातायात व्यवस्था को सुधारने में मदद मिलेगी। इससे यात्री आसानी से यहां पहुंच सकेंगे।
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