- मां के दरबार में सजेगा भव्य दरबार, झंडेवाला-कालकाजी-छतरपुर में तैयारियां तेज
अममर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में रामलीला मंचन की तैयारियां जोर पकड़ने के साथ ही शारदीय नवरात्र को लेकर प्रमुख देवी मंदिरों में भी तैयारियां तेज हो गई हैं। झंडेवाला देवी मंदिर, सिद्धपीठ कालकाजी और छतरपुर स्थित मां कात्यायनी शक्तिपीठ में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए दर्शन, सुरक्षा, प्रसाद, भंडारे और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। नवरात्र के दौरान मंदिरों से लेकर रामलीला मैदानों तक धार्मिक आस्था का माहौल नजर आएगा।
झंडेवाला देवी मंदिर परिसर और आसपास भव्य सजावट की गई है। रानी झांसी मार्ग, देशबंधु गुप्ता मार्ग और वरुणालय की ओर से श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा। दर्शन के बाद निकास द्वार से बाहर निकलने पर भंडारे का प्रसाद वितरित किया जाएगा। मंदिर समिति के पदाधिकारी रविंद्र गोयल के अनुसार, सुरक्षा के लिए परिसर और आसपास करीब 300 सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। सुबह चार बजे और शाम सात बजे आरती होगी। दिनभर कीर्तन मंडलियां मां का गुणगान करेंगी।
सिद्धपीठ कालकाजी मंदिर में भी नवरात्र के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। मंदिर के पीठाधीश्वर एवं मुख्य महंत सुरेंद्रनाथ अवधूत के अनुसार, मां कालका के दर्शन के लिए दूर-दूर से श्रद्धालु आते हैं। सुगम दर्शन के लिए प्रवेश और निकास व्यवस्था के साथ भीड़ नियंत्रण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शौचालय, रास्तों को सुगम बनाने, बैठने की व्यवस्था, चारदीवारी और हरियाली विकसित करने जैसे कार्य भी कराए जा रहे हैं।
छतरपुर स्थित आद्य कात्यायनी शक्तिपीठ में भी नवरात्र की तैयारियां जारी हैं। मंदिर समिति के प्रवक्ता नंदकिशोर सेठी के अनुसार, प्रसाद वितरण, लंगर, पेयजल और प्राथमिक चिकित्सा की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। शारदीय नवरात्र में यहां विशेष पूजा-अर्चना, हवन, दुर्गा सप्तशती पाठ और रामायण पाठ समेत विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान होते हैं। मंदिर नवरात्र के दौरान 24 घंटे खुला रहता है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर प्रबंधन के अनुसार, नवरात्र में प्रतिदिन श्रद्धालुओं के लिए लंगर की व्यवस्था भी की जाएगी।