फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दिल्ली विधानसभा चुनाव की पूरी हो चुकी हैं तैयारियां, तारीख का इंतजार

Sun, 29 Dec 2019 08:38 AM IST
शाहरुख खान ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रणबीर सिंह - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
दिल्ली में विधानसभा चुनाव का बिगुल अगले कुछ दिन में बजने वाला है। सभी तैयारियां मुकम्मल हैं। चुनाव निष्पक्ष हों, ज्यादा से ज्यादा वोट पड़ें और लोगों में ईवीएम को लेकर जो भ्रम है, उसे दूर करने के लिए दिल्ली चुनाव आयोग की टीमें पिछले कुछ महीने से मेहनत कर रही हैं। 
विज्ञापन


अब बस इंतजार है चुनाव आयोग का। वह कभी भी दिल्ली में विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा करेगा। ‘अमर उजाला’ के आशीष तिवारी ने इसे लेकर दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. रणबीर सिंह से बातचीत की। पेश हैं इसके अंश :

दिल्ली के चुनाव की क्या तैयारियां हैं?
हमने पूरी तैयारियां कर ली हैं। 6 जनवरी को मतदाता सूची का फाइनल प्रकाशन हो जाएगा। बाकी चुनाव आयोग के दिशा-निर्देश पर जो तैयारियां की जानी थीं, वो मुकम्मल हो गई हैं। हमारे 9 अलग-अलग डोमेन के माध्यम से प्रशिक्षण होता है। उसमें मास्टर ट्रेनर भी होते हैं। पोलिंग पार्टियों की 6 बार ट्रेनिंग होगी। कुछ कराई जा रहीं हैं, कुछ अधिसूचना के साथ शुरू हो जाएंगी। 
विज्ञापन


चुनाव निष्पक्ष हो, इसकी क्या तैयारियां हैं? सरकारी मशीनरी निष्पक्ष रहे भी और दिखे भी, इसके लिए भी आपने कोई कदम उठाए हैं?
चुनाव तो पूरी तरह निष्पक्ष होते हैं। हमने इसके लिए माकूल इंतजामात किए हैं। हमारी पूरी मशीनरी पॉलिटिकली न्यूट्रल और प्रफेशनली काम कर रही है। हमारे साथ जुड़ा हर कर्मचारी अब चुनाव आयोग के अंडर में आ गया है। कोई गड़बड़ करेगा तो हम उनके खिलाफ एक्शन लेंगे।

चुनाव को लेकर कोई विशेष कार्ययोजना भी है?

जिस दिन चुनाव की तारीख घोषित होगी, उसी दिन से आचार संहिता लागू हो जाएगी। उसके 24 से 72 घंटे के भीतर सभी विधानसभा क्षेत्रों में फ्लाइंग स्क्वाड लगा दिए जाएंगे। स्ट्रेटिक सर्विलांस टीम भी सड़कों पर उतार दी जाएगी। यह हर सड़कों से लेकर गली-मोहल्लों तक में कैश, गिफ्ट्स और शराब समेत सभी संवेदनशील चीजों पर नजर रखेंगी

ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का भरोसा बरकरार रखने को क्या कदम उठा रहे हैं?
देखिए, यह बात सबको पता होनी चाहिए कि ईवीएम से छेड़छाड़ नहीं हो सकती। वजह यह है कि इस मशीन के अंदर ऐसे प्रोग्राम होते हैं कि जरा सी छेड़खानी करने पर काम करना ही बंद कर देती है। रही बात लोगों के भरोसे को बरकरार रखने की तो हम पिछले कुछ महीने से सभी विधानसभा क्षेत्रों में जाकर लोगों को ईवीएम के बारे में जानकारियां दे रहे हैं। उनको प्रशिक्षित कर रहे हैं।

मतदान के दिन बड़ी समस्या यह आती है कि वोटर मतदान केंद्र पहुंचता है तो देखता है कि उसका नाम ही लिस्ट में नहीं है। नाम गायब होने वाली दिक्कत से कैसे पार पाया जा सकता है?
हमने पूरी मुहिम चलाई है। 15 नवंबर से 15 दिसंबर तक मतदाता सूची में दिल्ली के लोगों से नाम जुड़वाने और उनको दुरुस्त कराने के लिए एक बड़ा अभियान चलाया था। यह पूरा हो गया है। 6 जनवरी को फाइनल मतदाता सूची के प्रकाशन के बाद भी लोगों के नाम नहीं जुड़ सके हैं तो वे जुड़वा सकेंगे। हम नामांकन के आखिरी दिन तक लोगों के नाम जोड़ेंगे। 1 जनवरी 2020 तक जो भी 18 साल का हो जाएगा, उसका नाम मतदाता सूची में जुड़वाया जा चुका है। फिर भी कोई नाम रह जाएगा तो उसे जुड़वाया जाएगा। पूरी व्यवस्था ऑनलाइन है।

आम लोगों को चुनाव के दौरान आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय से बहुत उम्मीद होती है। वह अपने इर्द-गिर्द आचार संहिता से जुड़ी बहुत-सी घटनाएं देखता है, लेकिन आप तक उसकी पहुंच नहीं होती। कैसे उनकी राह आसान हो?
हमारा 1095 हेल्पलाइन नंबर तो है ही। इस पर कोई भी कॉल कर सकता है। यहां पर कोई भी कॉल करके मतदान से संबंधित सूचनाएं ले सकता है। इस नंबर पर कोई भी व्यक्ति हमें किसी भी तरह का चुनाव से संबंधित फीडबैक दे सकता है। किसी भी तरह का सुझाव या कोई भी शिकायत इस नंबर पर दी जा सकती है।
विज्ञापन

सोशल मीडिया बहुत बड़ा प्लेटफॉर्म बन चुका है। उसके प्लस और माइनस दोनों प्वाइंट हैं। आचार संहिता का सोशल मीडिया पर उल्लंघन न हो, उसके लिए क्या कर रहे हैं।
पूरा इंतजाम है। कोई प्रत्याशी सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर विज्ञापन देकर प्रचार करता है तो उसे जिला और राज्य स्तर पर मीडिया सर्टिफिकेशन मॉनिटरिंग कमेटी से अनुमति लेनी होगा। वहां से अनुमति नहीं है तो यह चुनाव अधिसूचना का उल्लंघन होगा और उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। एक बात और स्पष्ट कर दूं। अगर कोई प्रत्याशी या नेता अपने व्यक्तिगत अकाउंट से चुनाव प्रचार थमने के बाद भी प्रचार करता पाया गया तो उसके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें