इस मौसम में शिशु को लेकर पहाड़ों पर घूमने जाने से फिलहाल परहेज करें। आरएमएल अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. मनीष कुमार का कहना है कि दिल्ली में लगातार गिर रहा तापमान नौनिहालों और बुजुर्गों के लिए सबसे ज्यादा चिंता का विषय है। प्रीमेच्योर शिशुओं को भी इस सर्दी में खास सतर्कता की आवश्यकता है। ज्यादा ठंड होने से इन बच्चों का रक्तसंचार तक प्रभावित होता है। साथ ही शरीर भी नीला पड़ने लगता है। इसलिए शिशुओं को जहां तक संभव हो सके बाहरी हवा से बचाकर रखें। सुनिश्चित करें कि आपका घर पर्याप्त गर्म रहे। थर्मोस्टेट को कम से कम 68 से 70 डिग्री पर रखें।
60 से 65 डिग्री तक तापमान वाले हल्के ठंडे घरों में वृद्ध लोगों में हाइपोथर्मिया हो सकता है। घर पर शरीर को गर्म रखने के लिए, मोजे और चप्पलों के साथ, अपने कपड़ों के नीचे लंबे अंडरवियर पहनें। गर्म हवा की परत बनाये रखने के लिए गर्म ढीले कपड़ों की कई लेयर पहनें। मंकी कैप का चलन है। अपने पैरों और कंधों को गर्म रखने के लिए कंबल का प्रयोग करें और एक टोप या टोपी पहनें। जांच करें कि क्या आपके द्वारा सेवन की जाने वाली कोई भी दवा या ओवर-द-काउंटर दवाएं हाइपोथर्मिया के लिए आपके जोखिम को बढ़ा सकती हैं। ध्यान रखें कि बिना कंपकंपी के हाइपोथर्मिया एक बुरा संकेत है।