मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा है कि उपराज्यपाल और भाजपा आक्रामक तरीके से प्रीमियम बस स्कीम का विरोध कर रहे हैं।
अब दिल्ली फैसला करेगी कि क्या यह अच्छा है या बुरा? केजरीवाल ने यह ट्वीट प्रीमियम बस स्कीम पर जनता की मांगी गई राय के बाद किया है। दिल्ली सरकार ने उपराज्यपाल के सुझाव पर प्रीमियम बस योजना पर जनता से 20 जून तक राय मांगी है।
सरकार का पहला सवाल है कि क्या इस स्कीम को लागू करना चाहिए? दूसरा कि इसे बेहतर बनाने के लिए आपके कोई सुझाव हैं? राय दिल्ली परिवहन विभाग के मेल आईडी deltrpt@gmail.com पर भेजनी है।
उद्योग संघों और विशेषज्ञों को अलग से लिखा जा रहा है पत्र
जंतर मंतर पर सभा करते आशुतोष के साथ केजरीवाल
- फोटो : जी पाॅल
मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रीमियम बस स्कीम पर अलग से सभी आरडब्ल्यूए, उद्योग संघों, विशेषज्ञों को पत्र लिखकर उनसे स्कीम की बेहतरी के लिए सुझाव मांग रहे हैं।
सरकार ने स्कीम पर राय मांगने में खूबियां गिनवाई हैं और यह दावा किया है कि अत्याधुनिक, जीपीएस लैस, सीसीटीवी, वाईफाई, एसी बस और मोबाइल ऐप से बुकिंग वाली बस के आने से लोग अपनी कारें छोड़कर बसों में जाना शुरू कर देंगे।
सरकार को इस स्कीम के जरिये सार्वजनिक बस परिवहन में काफी निवेश की उम्मीद है। लास्ट माइल कनेक्टिविटी के लिए भी सरकार इसी किस्म की स्कीम लाने पर विचार कर रही है।
उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार ने इस योजना में उपराज्यपाल की सहमति के बिना उनके नाम का हवाला देकर अधिसूचना जारी कर दी थी। इस पर उपराज्यपाल ने आपत्ति जताई थी और परिवहन आयुक्त को जबाव -तलब भी किया था।