बिसाहड़ा गांव में सांप्रदायिक उपद्रव और तनाव के बाद अब हालात पूरी तरह सामान्य हैं, लेकिन इस घटनाक्रम का असर इकलाख के पड़ोसी हाकिम की दो बेटियों की शादियों पर पड़ा है।
लड़के वालों ने गांव में बारात लाने से इंकार कर दिया है और हाकिम गांव से बाहर शादी का खर्च उठा नहीं सकते। ऐसे में उनकी मदद के लिए हिंदू परिवार आगे आया है जो शादी दादरी में अपने खर्च पर कराएगा।
शादी 11 अक्तूबर को होनी है। एक लड़की की बारात प्यावली और दूसरी की सादुल्लापुर गांव से आनी है। गांव में तनाव के चलते दोनों ही गांवों के लोग और वर पक्ष आने से मना कर दिया।