जिले में बिजली के प्रीपेड उपभोक्ताओं को इसी साल घर से मीटर रिचार्ज करने की सुविधा मिल सकती है। उपभोक्ताओं की मांग पर विभाग ने शासन से प्रीपेड मीटर को ऑनलाइन रिचार्ज कराने की मांग की है।
इस पर सरकार भी गंभीर है और इसी साल इस योजना को लागू करने के लिए तैयारियां शुरू करने का निर्देश भी दे दिया है। प्रदेश सरकार ने भी उपभोक्ताओं को अधिक से अधिक प्रीपेड मीटर लगाने के निर्देश दिए हैं। इससे बिल वसूलने में होने वाले खर्च को बचाया जा सकेगा।
दरअसल, विद्युत विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को सुविधा देने के लिए प्रीपेड मीटर लगाकर ट्रायल शुरू किया गया था। पहली खेप में 2000 उपभोक्ताओं को प्रीपेड मीटर दिए गए थे, मगर इन उपभोक्ताओं को मीटर रिचार्ज कराने के लिए बिजली घर पर ही जाना पड़ता है।
प्रीपेड उपभोक्ताओं ने मांग की है कि प्रीपेड मीटर को ऑनलाइन रिचार्ज कराने की सुविधा दी जानी चाहिए। चूंकि जब उन्हें यह मीटर दिए गए हैं, तो उसका फायदा भी मिलना चाहिए।
बिल में गड़बड़ी से बढ़ी मीटर की मांग
नोएडा में प्रीपेड मीटर अस्थायी कनेक्शन के लिए शुरू किए गए थे, मगर इनकी मांग अचानक बढ़ गई है। करीब 20 हजार उपभोक्ताओं ने प्रीपेड मीटर लगाने के लिए विभाग के समक्ष मांग की है। इसके पीछे कारण ये है कि विभाग की ओर से कई बार अधिक बिल भेज दिया जाता है। इससे उपभोक्ताओं पर ज्यादा भार पड़ता है।
बिल जमा न होने पर उतार लेते हैं मीटर
जिले में कुछ उपभोक्ता ऐसे हैं, जिनका विदेशों या दूसरे शहरों में कारोबार है, जबकि कुछ ऐसे लोग हैं जिनके परिवार के सदस्य दूसरे शहरों या प्रदेशों में रह रहे हैं। परिवार के लोगों से मिलने के लिए घर बंद करके लोग चले जाते हैं। जब वापस आते हैं तो पता चलता है कि बिल जमा न होने के कारण विभाग के कर्मचारी मीटर ही उतारकर ले गए। अगर प्रीपेड मीटर है तो इस तरह की समस्या नहीं रहती है।
कम खर्च होगी मैनपावर
विद्युत विभाग द्वारा सामान्य मीटर लगाया जाता है। बिल बनाने के लिए मीटर रीडर घर-घर जाता है और जब उपभोक्ता बिल नहीं जमा करता है, तो विभाग को नोटिस घर पहुंचाना पड़ता है। इसके बाद भी जब बिल अदा नहीं किया जाता है, तो लाइनमैन को कनेक्शन काटने के लिए भेजा जाता है। इससे विभाग पर कर्मचारियों का ज्यादा भार पड़ता है। प्रीपेड मीटर से जहां उपभोक्ताओं को लाभ है, वहीं पावर कारपोरेशन की मैनपावर भी कम खर्च होगी।
प्रीपेड मीटर अस्थायी और डूब क्षेत्र में कनेक्शन देने के लिए ट्रायल व्यवस्था शुरू की थी, मगर अब प्रीपेड मीटर की मांग बढ़ गई है। शासन से प्रीपेड मीटर को रिचार्ज कराने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था शुरू कराने की मांग की गई है। इससे प्रीपेड मीटर प्रयोग करने वाले उपभोक्ताओं को घर से ही रिचार्ज करने की सुविधा मिल जाएगी। उम्मीद है कि इसी साल से उपभोक्ताओं को लाभ मिल जाए। -मुकुल सिंघल, अधीक्षण अभियंता