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चुनावी चासनी को गाढ़ा कर रहे प्रसून, साजिद-वाजिद

Sun, 16 Mar 2014 04:36 PM IST
कुलदीप सिंह राघव/अमर उजाला, गाजियाबाद
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इस बार लोकसभा चुनाव में सभी पार्टियों ने ‘संगीत’ का तड़का लगा दिया है। पार्टियों ने वोटर्स को लुभाने और अपनी बातें जन-जन तक पहुंचाने के लिए गानों का सहारा लिया है।
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भाजपा, सपा, आप और बसपा ने अभियान के लिए चुनावी गीत लांच कर दिए हैं। धमक जमाने के लिए पार्टियों ने बडे़ गीतकार और संगीतकारों का सहारा लिया है।

इस बार आम चुनाव के मुद्दे बदले हैं तो चुनाव प्रचार का तरीका भी बदला है। ग्राउंड और आनलाइन प्रचार के बाद पार्टियों ने ‘संगीत’ का सहारा लिया है।

समाजवादी पार्टी ने मशहूर संगीतकार साजिद-वाजिद से थीम सांग के बोल लिए हैं। सपा के गीत ‘आओ मिलकर देश बनाएं, नेता जी को दिल्ली लाएं’ को स्वर दिए हैं वाजिद खान, अपर्णा यादव और कीर्ति संगठिया ने। पूरा गीत 2 मिनट 56 सेकेंड का है।

भाजपा के गीत ‘सौगंध मुझे इस मिट्टी की, मैं देश नहीं बटने दूंगा’ के बोल लिखे हैं संगीतकार प्रसून जोशी ने और इस गीत को गाया है वामसी भार्गव और राम उपालूसी ने।
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‘तुम सम्राट हो मोदी, तुम विराट हो मोदी’ चार मिनट 33 सेकेंड का है। बसपा का गीत ‘अलबेले- मस्तानों की, बसपा के दीवानों की, निकल पड़ी है सीना ताने, टोली वीर जवानों की’। यह गीत पांच मिनट सात सेकेंड का है। आम आदमी पार्टी का गीत ‘निकलो बाहर मकानों से, जंग लड़ो बेइमानों से’ सात मिनट 48 सेकेंड का है।
 
जुबां पर चढ़ेगा कौन सा गीत?
चुनावी गीत लांच करने के साथ पार्टियों के गीत की हिट भी बढ़ गई है। यू-ट्यूब पर सभी गीत पसंद किए जा रहे हैं। अभी तक यू-ट्यूब पर भाजपा और सपा के गीत का दबदबा है।

दोनों पार्टियों के गीतों को सबसे अधिक डाउनलोड किया गया है। सपा और बसपा के गीत फोक की तर्ज पर हैं। भाजपा के गीत में वीर रस और राष्ट्रभक्ति की भावना झलकती है। ‘आप’ का गीत युवाओं को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
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