आप नेता और वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा के बीच विवाद बढ़ गया है। आप नेता प्रशांत भूषण ने मामले में प्रधानमंत्री को चिट्ठी लिखकर रंजीत सिन्हा को बर्खास्त कर उनपर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
उधर, इन्हीं मांगों के बीच सरकार में भी रंजीत सिन्हा को हटाने को लेकर विमर्श शुरू हो गया है। आप नेता की ओर से प्रधानमंत्री को लिखे गई चिट्ठी में 2जी स्पेक्ट्रम और कोयला घोटाले के आरोपियों के बचाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।
प्रशांत भूषण के मुताबिक सबूत होने के बावजूद सिन्हा ने पूर्व संचार मंत्री दयानिधि मारन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल नहीं होने दिया। यही नहीं, चार्जशीट न हो इसके लिए सिन्हा ने पूरा जोर लगा दिया।
पूरे प्रकरण में खुद घिरती देख केंद्र सरकार ने मामले के निबटारे के लिए रास्ते तलाशना शुरू कर दिया है। हालांकि नियमानुसार तय सेवाकाल के बीच में सीबीआई निदेशक नहीं हटाया जा सकता, यही नहीं उनका ट्रांसफर भी नहीं किया जा सकता। ऐसे में सरकार उन्हें बस छुट्टी पर भेज सकती है।
अगर ऐसा होता है तो अनिल कुमार सिन्हा कार्यकारी निदेशक की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के बाद अहम फैसला लिया जा सकता है।