पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का मानना है कि देश की अर्थव्यवस्था के लिए जितना जरूरी सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) है, उतना ही जरूरी आम लोगों के लिए हैपीनेस प्रोग्राम है।
पूर्व राष्ट्रपति ने बृहस्पतिवार शाम एनडीएमसी कंवेंशन सेंटर में दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की पुस्तक का विमोचन करते हुए यह बात कही। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल समेत उनकी कैबिनेट, आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और विधायक मौजूद रहे।
शिक्षा नाम की पुस्तक की तारीफ करते हुए पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि कोई सिद्धांत न होने की वजह से यह किताब बेहतर है। इसमें ऐसी बातों पर रोशनी डाली गई है, जिन पर हकीकत में काम हो रहा है। यह पुस्तक न सिर्फ शिक्षकों, बल्कि छात्रों व आम लोगों के लिए भी उपयोगी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली से देश को बहुत सारी उम्मीदें हैं।
इस मौके पर पूर्व राष्ट्रपति ने मनीष सिसोदिया के साथ हुई अपनी पहली मुलाकात व सर्वोदय विद्यालय में राजनीति की अपनी क्लास का भी जिक्र किया। वहीं मनीष सिसोदिया ने कहा कि एक सपने को लेकर करीब साढ़े चार साल उन्होंने स्कूलों को बेहतर बनाने का प्रयास शुरू किया था। आज एक बेहतरीन टीम के साथ उस पर काम हो रहा है।
आलम यह है कि सरकारी स्कूलों में निजी स्कूलों के बच्चे दाखिला ले रहे हैं। इस किताब में शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों के बारे में बताया गया है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल की कैबिनेट में रहकर इस पुस्तक को लिखना बेहद मुश्किल भरा काम था। इसके लिए समय निकालना आसान नहीं था।
मुख्यमंत्री ने दी बधाई
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उप मुख्यमंत्री को बधाई देते हुए कहा कि पूरी दुनिया दिल्ली में शिक्षा के क्षेत्र में हुए सुधार को देख रही है। यह किताब शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी।