प्रकाश जावड़ेकर ने बच्चों को किया सम्मानित
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जीवन में विपरीत परिस्थितियां सफलता की राह में बाधा नहीं होती हैं, बल्कि संघर्ष के आगे जीत का जश्न होता है। पिता के साथ रेलवे स्टेशन में जाकर चाय बेचने वाले नरेंद्र मोदी ने देश के विकास का सपना देखा और आज हिंदोस्तान के सफल प्रधानमंत्री है।
यह उदाहरण व संदेश उन बच्चों के लिए, जिनके मां-पापा के पास बेशक महंगी शिक्षा के लिए पैसा नहीं था, लेकिन संस्कारों व उचित मार्गदर्शन के चलते 12वीं कक्षा में उत्कृष्ठ प्रदर्शन कर सफलता मिली है। यह बात मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने मंगलवार को 12वीं कक्षा में दिल्ली के 86 मेधावी छात्रों को सम्मानित करते हुए कही।
कांस्टीट्यूशन क्लब में सीबीएसई की ओर से आयोजित गुण गौरव सम्मान समारोह में जावडेकर ने कहा कि पैसे से महंगी शिक्षा तो मिल सकती है, लेकिन अच्छी शिक्षा सरकारी स्कूलों में भी मिलती है। क्योंकि केंद्रीय विद्यालय और जवाहर नवोदय विद्यालय सरकार की सरकारी स्कूल हैं, जहां पैसा नहीं, काबलियत मायने रखती है।
उन्होंने पूर्व राष्ट्रीय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संघर्षों का उदाहरण दिया। वहीं, मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री उच्च शिक्षा डॉ. महेंद्र नाथ पांडे ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके घर में रोशनी नहीं थी तो बाहर बैठकर अपनी पढ़ाई पूरी करते थे।
अब दिल्ली ही नहीं, बल्कि प्रदेश व जोन स्तर पर भी ऐसे छात्रों को सम्मानित किया जा रहा है। कार्यक्रम में तान छात्राओं ने कहा कि वे भारतीय सेना में जाकर देश सेवा करना चाहती हैं। जबकि अन्य में डॉक्टर, प्रोग्राम डिजाइनर से लेकर इंजीनियर बनने का सपना लिए हुए थे।