एनआरएचएम घोटाले में फंसे यूपी के सीनियर आईएएस प्रदीप शुक्ला एक बार फिर से जेल चले गए हैं। बुधवार को प्रदीप शुक्ला ने एक नए मामले में सरेंडर किया और अंतरिम जमानत की अर्जी लगा दी।
कोर्ट ने अर्जी को खारिज करते हुए उन्हें जेल भेज दिया। शुक्ला की मुख्य जमानत अर्जी पर अब 12 फरवरी को सुनवाई होगी।
एनआरएचएम घोटाले में ही करीब चार साल से डासना जेल में बंद पूर्व डीजी हेल्थ एसपी राम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद बुधवार शाम जेल से रिहा हो गए।
बता दें कि एनआरएचएम घोटाले में फंसे यूपी के सीनियर आईएएस प्रदीप शुक्ला पर सीबीआई ने चार अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज की है। सभी मामलों में सीबीआई चार्जशीट कोर्ट में पेश कर चुकी है।
इनमें से तीन मामलों में प्रदीप शुक्ला पहले से ही मेडिकल ग्राउंड पर जमानत हासिल कर चुके हैं। इन तीन केस के बाद सीबीआई ने चौथे मामले में भी चार्जशीट कोर्ट में पेश कर दी थी।
बुधवार को प्रदीप शुक्ला ने चौथे मामले में भी कोर्ट में सरेंडर करते हुए अंतरिम जमानत हासिल करने को अर्जी दाखिल की। सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक वीके शर्मा ने शुक्ला की जमानत अर्जी पर विरोध जताया।
इस पर विशेष न्यायाधीश जी.श्रीदेवी ने अर्जी खारिज कर दी। उधर पूर्व डीजी हेल्थ एसपी राम को भी विगत 4 फरवरी को कोर्ट से जमानत मिल गई थी। हालांकि वह जमानती पेश नहीं कर सके थे। बुधवार को सभी औपचारिकताएं पूरी होने पर रिहा कर दिया गया।
सीबीआई ने कोर्ट में पेश की दो नई चार्जशीट
एनआरएचएम घोटाला प्रकरण में सीबीआई ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बुधवार को सीबीआई एसटीएफ ब्रांच ने एनआरएचएम घोटाले से संबंधित दो नई चार्जशीट सीबीआई विशेष कोर्ट में पेश कर दीं।
यादव सिंह को साथ लेकर सीबीआई टीम गाजियाबाद आई थी। इसी गाड़ी में चार्जशीट के दो बक्सों में भरे कागजात भी सीबीआई ने कोर्ट में पेश किए।