बढ़ती गर्मी में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। इस साल जून व जुलाई में अब तक के सभी रिकॉर्ड टूट चुके हैं। सोमवार दोपहर तीन बजे दिल्ली के इतिहास में यह पहली बार हुआ, जब बिजली की मांग 6998 मेगावाट तक पहुंच गई। हालांकि पिछले साल अधिकतम डिमांड 6526 मेगावाट रही थी।
बिजली कंपनियों ने अपने उपभोक्ताओं को आपूर्ति देने के लिए पर्याप्त इंतजाम का दावा किया है। कॉल सेंटर, मेेंटीनेंस समेत अन्य जरूरी सुविधाओं को भी बढ़ाया गया है। हालांकि इस साल अधिकतम सात हजार मेगावाट बिजली की मांग का अनुमान लगाया गया था। जिसकी पूर्ति के लिए दूसरे राज्यों से भी करार किया गया है। वहीं बिजली की मांग का अनुमान लगाने की भी पूरी व्यवस्था की गई है।
बिजली कंपनियों के अधिकारियों का कहना है कि बिजली की मांग दिल्ली में लगातार बढ़ती जा रही है। 8 जून को जहां बिजली की मांग 6934 मेगावाट तक पहुंची थी, वहीं 9 जुलाई को 6998 पहुंच गई। । हालांकि इसके कारण कई इलाकों में बिजली की आपूर्ति भी प्रभावित हुई, लेकिन यह बढ़ोतरी राजधानी में बिजली वितरण और संचारण प्रणाली की मजबूती को बताती है।
कब कितनी मांग रही 2018
- 9 जुलाई- 6998 मेगावाट
- 8 जून- 6934 मेगावाट
- 7 जून- 6568 मेगावाट
- 5 जून- 6562 मेगावाट
पिछले तीन वर्षों का रिकॉर्ड
- 8 जून 2017 को 6526 मेगावाट
- 1 जुलाई 2016 को 6261 मेगावाट
- 19 जून 2015 को 5846 मेगावाट