बिजली कंपनियों के अधिकारियों ने बताया कि गर्मी के मौसम में बिजली की मांग किसी भी महीने में अचानक बढ़ सकती है। अंदाजा नहीं लगा सकते कि कब मांग बढ़ेगी और कब घटेगी।
बारिश देरी से होने पर गर्मी लोगों को अगस्त तक परेशान करती है। इस कारण 2011 में 2 अगस्त को सबसे ज्यादा बिजली की मांग रही थी और 2010 में भी 1 जुलाई को अचानक से मांग बढ़ी थी।
वैसे सामान्य तौर पर जून में बिजली की मांग ज्यादा रहती है। बिजली कंपनी के आंकड़े से पता चलता है कि औसतन हर साल 214 मेगावाट बिजली की मांग दिल्ली में बढ़ रही है।