दिल्ली में बिजली किल्लत से आम लोगों की परेशानी को दूर करने के लिए उपराज्यपाल ने पहल की है। उन्होंने पीक ऑवर्स में बिजली की मांग बढ़ने के बाद की स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली सचिवालय में एयर कंडीशन के बिना काम करने के निर्देश दिए हैं। यही नहीं रात दस बजे के बाद मॉल्स में बिजली की आपूर्ति बंद करने का भी निर्देश दिया है।
रविवार को उपराज्यपाल ने बिजली विभाग और बिजली वितरण कंपनियों केअधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक में यह निर्देश दिए। उपराज्यपाल नजीब जंग ने रविवार को मुख्य सचिव, प्रधान ऊर्जा सचिव और तीनों डिस्कॉम्स के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों के साथ बैठक की।
इसमें कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई और जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए गए। उपराज्यपाल ने कहा कि बिजली किल्लत है, लेकिन इससे निपटने के तरीके में बदलाव जरूरी है। उन्होंने कहा कि पीक ऑवर्स में बिजली किल्लत न हो इसलिए जरूरी है कि दिल्ली सचिवालय के साथ-साथ स्कूल-कॉलेज में भी एयर कंडीशन को बंद रखा जाए।
दोपहर 3:30 से 4:30 बजे तक दिल्ली सचिवालय में एसी बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं। यही नहीं बिजली बचत करने के उदेद्श्य से एसी को 25 डिग्री सेंटीग्रेड या उससे ऊपर चलाना चाहिए ताकि बिजली की बचत की जा सके।
उपराज्यपाल ने बिजली वितरण कंपनियों के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को निर्देश दिया कि अगले दो से तीन दिनों का लोड शेडिंग प्लान बनाकर वेबसाइट पर आम लोगों की जानकारी के लिए तुरंत अपलोड करें। उपभोक्ताओं की शिकायत को सुनने के लिए कस्टमर केयर सेंटर पर कर्मचारियों की तैनाती बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।
सर्कल सेंटर पर अनुभवी कर्मियों की नियुक्ति की जाए
बिजली कटौती से परेशान बिजली उपभोक्ता जब डिस्कॉम्स के नजदीकी सर्कल सेंटर पर शिकायत के लिए पहुंचते हैं तब कई बार अनुभवहीन कर्मियों की वजह से स्थिति बेकाबू हो जाती है। इसकी वजह से कई बार हंगामा, धरना-प्रदर्शन और स्थिति अनियंत्रित हो जाती है। लिहाजा सर्कल सेंटर पर अनुभवी कर्मियों की नियुक्ति होने से इस स्थिति को टाला जा सकता है।
बिजली कर्मियों की पुलिस मदद जरूरी
बिजली किल्लत की समस्या दूर करने के लिए जब बिजली कर्मी पहुंचते हैं और उस कमी को ठीक करने के लिए जब बिजली काटने जाते हैं तो स्थानीय लोगों का विरोध शुरू हो जाता है। इस वजह से बिजली किल्लत को दूर करने में समय लगता है। कोई अनियंत्रित स्थिति न हो जाए इसलिए आपात स्थिति में डिस्कॉम्स कर्मियों के साथ पुलिस को सहयोग करने के लिए और साथ में घटना स्थल तक जाने के निर्देश दिए जाएंगे।
400 मेगावाट की हुई लोड शेडिंग
बृहस्पतिवार को बिजली की मांग 5600 मेगावाट तक पहुंच गई थी लेकिन उस समय दिल्ली में करीब 5200 मेगावाट बिजली ही उपलब्ध थी। ऐसी स्थिति में दिल्ली में करीब 400 मेगावाट की लोड शेडिंग हुई। जबकि पिछले वर्ष 5600 मेगावाट बिजली की मांग को आसानी से पूरा कर लिया गया था।