महानगर पर एक महीने के पावर कट का खतरा मंडरा रहा है। फिलहाल पावर कारपोरेशन और ट्रांसमिशन अपने-अपने रुख पर अड़े हैं।
लालकुआं से मुरादनगर की ट्रांसमिशन लाइन के तार (कंडक्टर) बदलकर जापानी तार (पैंथर) डाले जाने हैं। इनके बिना आने वाली गर्मियों में शहर को सप्लाई नहीं मिल सकेगी। तारों को बदलने में एक महीने का समय लगेगा।
आधे शहर को पावर सप्लाई लालकुआं ट्रांसमिशन पावर स्टेशन से होती है। इसको सप्लाई मुरादनगर से मिलती है। 220 केवीए की इस ट्रांसमिशन लाइन के तार 40 साल पुराने हैं।
इनकी आयु पांच साल पहले समाप्त हो चुकी है। इन जर्जर तारों से सप्लाई 220 केवीए के स्थान पर मात्र 180 केवीए ही मिल रही है। यहां से बिजली की 250 केवीए की जरूरत है। इसकी पूर्ति न होने से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
विशेषज्ञों ने इसके लिए जापानी पैंथर वायर मंगवाए हैं। ये वायर 350 केवीए सप्लाई देने में सक्षम हैं। छह महीने से रखे पैंथर को बदलने के लिए अभी डिस्ट्रीब्यूशन से शट-डाउन नहीं मिल रहा है।
इसके लिए ट्रांसमिशन अफसरों ने एक महीने का शट-डाउन मांगा है। यानि एक महीने तक आधे शहर को सप्लाई नहीं मिलेगी। इसका कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है।
फिलहाल अफसर सर्दी आने का इंतजार कर रहे हैं। दिसंबर-जनवरी में एक महीने तक सप्लाई बंद रखने की तैयारी की जा रही है। डिस्ट्रीब्यूशन अफसर एक सप्ताह का शट-डाउन देने को तैयार हैं, जबकि ट्रांसमिशन अफसर 28 दिन से कम में काम पूरा कराने में असमर्थता जता रहे हैं।